यूपी के सीतापुर (Sitapur Ambulance) में एंबुलेंस के सामने से गाड़ी ना हटाने पर हुई देरी के चलते एक मरीज की मौत हो गई. आरोपी शख्स को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें आरोपी शख्स बीजेपी से होने का दावा कर रहा है. वीडियो में वो गालियां देता दिख रहा है. वो कह रहा है- ‘बीजेपी से हूं, जिंदगी नरक कर दूंगा.’
एंबुलेंस के आगे गाड़ी लगाई, मरीज की मौत, बोला- "BJP से हूं, जिंदगी नरक बना दूंगा"
BJP क्या बोली?


मामला 1 अप्रैल का है. वायरल वीडियो सीतापुर के जिला अस्पताल की पार्किंग का बताया जा रहा है. एंबुलेंस में मौजूद दिल के मरीज को लखनऊ के एक अस्पताल ले जाना था. लेकिन आरोपी कथित तौर पर अपनी गाड़ी गेट पर ही लगा कर चला गया. मरीज की एंबुलेंस में ही मौत हो गई. जब मरीज के परिजनों ने गाड़ी के मालिक को उसकी लापरवाही के बारे में बताया तो वो गालियां और धमकी देने लगा. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे अरेस्ट कर लिया है. उसका नाम उमेश मिश्रा है.
उमेश वीडियो में कह रहा है,
मैं राम किनकर का भाई हूं. तुम्हें सीतापुर में नहीं रहने दूंगा. मेरा नाम उमेश मिश्रा है. मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा. एक कॉल करूंगा और काम हो जाएगा. अपनी हद में रहो. तुम नहीं जानते कि ये किसकी कार है. बीजेपी से हूं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले पर बीजेपी ने आरोपी उमेश मिश्रा के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है. द क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ब्लॉक प्रमुख, रामकिंकर पांडे ने भी एक वीडियो जारी कर आरोपी के साथ कोई रिश्ता होने की बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि ये सरकार को बदनाम करने की कोशिश है.
सीतापुर के पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,
सोमवार शाम को सोशल मीडिया के जरिए हमें वीडियो मिला. गाली-गलौज और बदसलूकी करने वाला शख्स हरदोई का रहने वाला उमेश मिश्रा है. हम पता लगाएंगे कि वो किसी राजनीतिक दल से जुड़ा है या नहीं.
SP ने आगे बताया,
मरीज को दिल की बीमारी के साथ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां से उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया.
आज तक से जुड़े अरविंद मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक का नाम सुरेश चन्द्र राठौर है. वो पेशे से एक अधिवक्ता थे. घटना को लेकर सीतापुर के वकीलों ने नाराजगी जताई है. उन्होंने सीतापुर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है.
मामले में मृतक के परिजनों का कहना है,
डॉक्टरों ने पेशेंट की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया था. एम्बुलेंस के सामने एक कार खड़ी थी जिसको हटाने के लिए हमने गुहार लगाई लेकिन कोई सामने नहीं आया. कुछ देर बाद गाड़ी का मालिक आया और बदसलूकी करने लगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो अपने किए पर पछतावा व्यक्त करते हुए माफी मांग रहा है.
वीडियो: महोबा: एंबुलेंस नहीं मिली तो पुलिस ने शव को कूड़ा गाड़ी से ही मोर्चरी पहुंचा दिया





















