अब इसका हिंदी में मतलब समझो. "सब कोई सिंधू की जीत सेलिब्रेट कर रहा है. मैं इस पर थूक दूं तो? इतना ज्यादा सेलिब्रेट करने की जरूरत क्या है?" सनल साहब इत्ता मेहनत करके कोई जीता है, उससे अगर लोग खुश हैं, तो आपको क्या दिक्कत है? अपनी थूक अपने गले में ही रखो न.शर्मनाक: सिंधू के मेडल पर थूकने की तमन्ना है इस फिल्म डायरेक्टर की
देश सिंधू की जीत सेलिब्रेट कर रहा था, तो एक जलकुकड़ा अपनी खुन्नस में अक-बक कर रहा था.
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फोटो - thelallantop
सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते. सनल कुमार शशिधरन को देख लो. और उसका 'ब्लैक ह्यूमर' देख लो. आज की तारीख में हिंदुस्तान में दो सबसे चर्चित नाम हैं. साक्षी और सिंधू. पीवी सिंधू ने सिल्वर जीता है देश के लिए. रियो ओलंपिक में भारत का झंडा ऊंचा किया है. करोड़ों आंखों को खुशी के आंसू ला दिए. लेकिन ये हैं मलयालम फिल्मों के 'अनजाने' डायरेक्टर. इनको फिल्मों की वजह से भले कोई न जाने. लेकिन सिंधू पर फूहड़ कमेंट करने की वजह से हर कोई जानेगा. जुम्मे को जब देश जीत सेलिब्रेट कर रहा था तो ये जलकुकड़ू फेसबुक पर गंदा सा स्टेटस लिख रहे थे. ये देखो.
अब इसका हिंदी में मतलब समझो. "सब कोई सिंधू की जीत सेलिब्रेट कर रहा है. मैं इस पर थूक दूं तो? इतना ज्यादा सेलिब्रेट करने की जरूरत क्या है?" सनल साहब इत्ता मेहनत करके कोई जीता है, उससे अगर लोग खुश हैं, तो आपको क्या दिक्कत है? अपनी थूक अपने गले में ही रखो न.
अब इसका हिंदी में मतलब समझो. "सब कोई सिंधू की जीत सेलिब्रेट कर रहा है. मैं इस पर थूक दूं तो? इतना ज्यादा सेलिब्रेट करने की जरूरत क्या है?" सनल साहब इत्ता मेहनत करके कोई जीता है, उससे अगर लोग खुश हैं, तो आपको क्या दिक्कत है? अपनी थूक अपने गले में ही रखो न.Advertisement










