महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे-BJP गठबंधन सरकार बस कुछ ही हफ्ते की मेहमान है. ऐसा दावा हुआ है. दावा किया है शिवसेना सांसद संजय राउत ने. रविवार, 23 अप्रैल को संजय राउत ने एक बयान में कहा,
महाराष्ट्र में अगले दो हफ्ते में हो सकता है बड़ा उलटफेर? दावे का सुप्रीम कोर्ट कनेक्शन पता लगा
बस इसीलिए सारी उथल-पुथल मची है


'महाराष्ट्र में शिंदे-फडणवीस सरकार का डेथ वारंट जारी हो चुका है, सिर्फ तारीख का ऐलान होना बाकी है. मैंने पहले ही कहा था कि शिंदे सरकार फरवरी में गिर जाएगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले में देरी के कारण इस सरकार की लाइफलाइन बढ़ गई. ये सरकार अगले 15-20 दिनों में गिर जाएगी.'
संजय राउत के बाद खुद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी ऐसी ही भविष्यवाणी कर दी. उन्होंने महाराष्ट्र के जलगांव में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा,
'राज्य में चुनाव कभी भी हो सकते हैं, आज भी हम तैयार हैं. मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा. इसके बाद चुनाव कभी भी हो सकते हैं.'
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा, बोले-
'40 गद्दार (शिंदे गुट के विधायक) गए, उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता है. जिन्हें चुनकर दिया, वो गद्दार हो गए. लेकिन उन्हें चुनने वाले मेरे साथ हैं. इन्हें जिस तरह घोड़े पर चढ़ाया, उसी तरह उतारने का समय आ गया है. सच बोलो तो पुलिस पीछे लगा दी जाती है. मैं पुलिस से कहना चाहूंगा तुम भी किसान के बेटे हो.'
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने भी रविवार, 23 अप्रैल को अपनी पार्टी के नेताओं को चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रच रहा है, तो पार्टी को कड़ी कार्रवाई करनी होगी. एनसीपी प्रमुख की यह टिप्पणी उनके भतीजे अजीत पवार के बीजेपी के साथ जाने की अटकलों के बीच आई है.
पवार से सवाल पूछा गया था कि खबरें हैं कि अगर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना के 16 विधायकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहरा दिया गया तो अजीत पवार एनसीपी से अलग होकर बीजेपी की सरकार बनवा देंगे.
इसपर शरद पवार ने कहा,
‘अगर कल कोई पार्टी (एनसीपी) को तोड़ने की कोशिश कर रहा है, तो ये उसकी रणनीति है. यदि हमें एक रुख अपनाना है तो हमें कड़ा रुख अपनाना होगा. इस मुद्दे पर आज बात करना उचित नहीं है, क्योंकि हमने इस पर अभी तक चर्चा नहीं की है.’
बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को अजीत पवार ने कहा था कि 100 प्रतिशत महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना चाहेंगे, एनसीपी 2024 के विधानसभा चुनावों का इंतजार करने के बजाय अभी भी मुख्यमंत्री पद पर दावा जता सकती है.
इन बयानों के बाद एक बात साफ़ है कि महाराष्ट्र की सियासत में आगे उलटफेर होगा या नहीं, ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है. और इसलिए अब सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.
वीडियो: अजित पवार क्या विधायकों के साथ BJP से हाथ मिलाने वाले हैं? संजय राउत ने क्या कहा?



















