मध्य प्रदेश के सीधी में एक आदिवासी युवक पर पेशाब करने के आरोपी शख्स के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, सरकार का कहना है कि वो बुलडोजर चलाने का फैसला कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए लेगी. राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आजतक से बातचीत में कहा है कि इस मामले के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा, लेकिन तब जब उसने कहीं अतिक्रमण कर रखा होगा.
पेशाब कांड वाले प्रवेश शुक्ला के घर चलेगा बुलडोजर? सवाल पर नरोत्तम मिश्रा को ये नियम याद आ गया
आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाले के यहां बुलडोजर एक्शन को लेकर क्या बोले MP के गृहमंत्री?


उन्होंने
‘किसी पर बुलडोजर कांग्रेस की इच्छा के मुताबिक नहीं चलेगा. ऐसा कोई नैरेटिव नहीं है कि हम सिर्फ एक समुदाय विशेष के खिलाफ ही बुलडोजर की कार्रवाई करते हैं. इस नैरेटिव को हमने पहले ही तोड़ दिया है. अगर अतिक्रमण हुआ होगा तो बिल्कुल बुलडोजर चलेगा, क्यों नहीं चलेगा. पहले ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है.’
आदिवासी युवक पर पेशाब करने का आरोपी बीजेपी विधायक केदार शुक्ला का प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला बताया जा रहा है. ऐसे में आजतक ने केदार शुक्ल से भी बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर सवाल किया. आजतक से जुड़े रवीश पाल सिंह ने विधायक से पूछा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि जो भी गलत करेगा उसके खिलाफ बुलडोजर चलेगा. तो क्या प्रवेश शुक्ला पर भी बुलडोजर चलेगा?
जवाब में विधायक केदार शुक्ला ने कहा,
'देखिए उसपर जो भी कार्रवाई की जा सकती है, की जानी चाहिए. बुलडोजर चलने की बात है तो अगर उसका घर सरकारी जमीन पर नहीं है तो कैसे चलेगा बुलडोजर? अगर वो पैतृक मकान में रह रहा है तो फिर क्यों चलेगा बुलडोजर? कुल मिलाकर अगर वो अवैध रूप से कहीं रह रहा होगा तब ही बुलडोजर चलेगा.'
बता दें कि सीधी में नशे में धुत्त प्रवेश शुक्ला ने सीढ़ियों पर बैठे एक आदिवासी युवक पर पेशाब कर दी थी. घटना का वीडियो सामने आने के बाद से विपक्षी कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमलावर हो गई. लोग सरकार से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछने लगे. पुलिस ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को अरेस्ट कर लिया, मुख्यमंत्री के आदेश के चलते उसपर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत कार्रवाई की गई है.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पीएम मोदी की सबसे पसंदीदा योजना में बंगाल से लेकर मध्यप्रदेश तक 'घोटालों' का खेल कैसे हुआ?






















