
पहले दिन फुस्सी हो गई.
मगर दरवाजे दाहिने और बाईं तरफ नहीं खुले. सामने वाला दरवाजा खोला गया तो लोग बाहर निकले. बढ़िया एसी की हवा खा रहे लोगों को पैदल धूप में चलना पड़ा. खोपड़ी चटक गई. थोड़ा नहीं पूरा 1 किलोमीटर चलवाया गया और दुर्गापुरी स्टेशन ले जाया गया. यहां दूसरी मेट्रो का जुगाड़ किया गया और सभी को रवाना किया गया. इसके कुछ ही देर बाद करीब 11 बजे दूसरी बार मेट्रो ने धोखा दे दिया. इस बार रुकी आलमबाग के पास. 15 मिनट के लिए. हालांकि फिर इसे ठीक कर लिया गया. एक और वीडियो देखिए:
अब कोई नेता ना आएगा श्रेय लेने
लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन की बारी आई तो बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई. योगी आदित्यनाथ ने इसे पीएम मोदी का सपना बताया तो अखिलेश और उनके समर्थक इसे सपा सरकार का तोहफा बताने में लगे रहे. पर जनाब पहले ही दिन जिस तरह मेट्रो टाय-टाय फिस्स हो गई. उसकी जिम्मेदारी लेने भी सामने आइये ना. पर कोई नहीं आएगा. इस बीच हंगामे की खबर जरूर आई है. मेट्रो रुकने पर टीपी नगर स्टेशन पर सपा कार्यकर्ताओं ने खूब बवाल काटा है. स्टेशन बंद करवाने के आरोप लगे हैं. पुलिस को इन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा है.
ये रही मेट्रो के दगा देने की असल वजह
आरोप तो अजीबोगरीब साजिशों के भी लग रहे हैं. कोई कह रहा है कि कहीं किसी अधिकारी ने तो नहीं पिछली सरकार के नमक का कर्ज अदा कर दिया है. कुछ लोग 6 सितंबर का दिन ही मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने के लिए अशुभ बता रहे हैं. वो दरअसल पितृ पक्ष शुरू हो गया है ना.खैर असल वजह सामने आ गई है. लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बताया है कि सुबह मेट्रों में दिक्कत अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से आई थी. इसमें ड्राइवर की गलती मानी जा रही है. फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया गया है. दूसरी बारी में कोई टेक्निकल एरर सामने आया है.
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