इजरायल (Israel) के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि वो युद्ध के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं. जहां उन्हें हमें साहस, मजबूत विचार और अटल रहने की जरूरत है. गैलेंट ये बयान तब दिया है जब लेबनान में हिजबुल्लाह (Hezbollah Pager Blast) समूह के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हजारों पेजर फट गए. इसमें समूह के 12 लोगों की मौत हो गई और 2,750 लोग घायल हो गए. पेजर ब्लास्ट 17 सितंबर को हुआ और 18 सिंतबर को फिर से ऐसी ही घटना हुई. हिजबुल्लाह द्वारा उपयोग किए जाने वाले वॉकी-टॉकी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में विस्फोट हो गया. इस विस्फोट में समूह के 14 लोग मारे गए और 450 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी विस्फोट के बाद इजरायल ने युद्ध के नए चरण की घोषणा की
Lebanon में हुए पेजर और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट के बाद Israel ने बड़ा बयान दिया है. Hezbollah ने इन विस्फोटों के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है और बदला लेने की कसम खाई है. रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि इसके पीछे Mossad का हाथ है.


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा है,
“हम चरणबद्ध तरीके से योजना बनाते हैं. हर बार हिजबुल्लाह को भारी किमत चुकानी पड़ेगी.”
इस बीच, इजरायली सेना प्रमुख हर्जी हलेवी ने कहा कि उनके पास कई अभी कई 'शक्तियां' हैं जिनका उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया है.
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Lebanon ने क्या कहा?लेबनान के आंतरिक सुरक्षा बलों ने कहा है कि उनके पूरे देश में कई वायरलेस कम्युनिकेशन डिवाइस में विस्फोट किए गए. खासकर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में जो हिजबुल्लाह का गढ़ है. हिजबुल्लाह ने इन विस्फोटों के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है और बदला लेने की कसम खाई है.
वहीं रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि इस हमले के पीछे मोसाद का हाथ. मोसाद, इजरायल की खुफिया एजेंसी है. रिपोर्ट है कि मोसाद ने कई महीनों की प्लानिंग के बाद 5000 पेजर्स में विस्फोटक लगा दिए थे.
ईरान द्वारा समर्थित हिजबुल्लाह पिछले साल अक्टूबर में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल के साथ युद्ध में शामिल है. हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के बाद से समूह ने एहतियातन मोबाइल फोन से दूरी बना ली थी. और अपने सदस्यों को खुद की बनाई दूरसंचार प्रणाली का इस्तेमाल करने को कहा था.
Pager बनाने वाली कंपनी ने क्या कहा?जिन पेजर्स में ब्लास्ट हुआ, उनके पीछे ताइवान की एक कंपनी ‘गोल्ड अपोलो’ का स्टिकर लगा था. हिजबुल्लाह ने कुछ महीने पहले ही इस कंपनी से पेजर्स आयात किए थे. हालांकि, ताइवानी कंपनी ने इस बात से इनकार कर दिया कि इनका निर्माण उन्होंने किया है. कंपनी के संस्थापक ह्सू चिंग-कुआंग ने बताया कि इन पेजर्स को बुडापेस्ट की BAC नाम की कंपनी ने बनाया था. इस कंपनी को गोल्ड अपोलो के ब्रांड का इस्तेमाल करने का अधिकार था. उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट हमारा नहीं था.
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