अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर होने के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर बम बरसाने शुरू कर दिए. इजरायल ने बेरूत घाटी और दक्षिणी लेबनान पर मात्र 10 मिनट में 100 हमले किए. ईरान ने अपने दस पॉइंट वाले पीस प्लान में 'लेबनान पर हमला रोकने' वाला पॉइंट भी शामिल किया था. फिर ऐसा क्या हुआ कि इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया?
अमेरिका-ईरान का कंफ्यूजन लेबनान को ले डूबेगा, इजरायल ने 10 मिनट में मारीं 100 मिसाइलें
Lebanon Strike: अमेरिका और इजरायल कह रहे हैं कि डील में लेबनान शामिल नहीं है. जबकि ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि डील में लेबनान है. ईरान ने चेताया है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वो सख्त कदम उठा सकता है. इजरायल ने 10 मिनट में लेबनान के 254 लोगों की जान ले ली.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान पर हुए हमले में करीब 254 लोग मारे गए और 837 घायल हुए. और कुल 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया गया. इनमें कई घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल हैं. हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का बयान भी आया. उन्होंने बताया कि पीस प्लान में लेबनान शामिल नहीं है. उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
‘हिजबुल्लाह पर इजरायल का हमला एक अलग युद्ध है. हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान को सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया गया है. इसका भी समाधान हो जाएगा. परेशानी की कोई बात नहीं है.’
इसी बात को लेकर विवाद है. अमेरिका और इजरायल कह रहे हैं कि डील में लेबनान शामिल नहीं है. जबकि ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि डील में लेबनान है. इजरायल के पीएम ऑफिस ने कहा कि वो अमेरिका की उस कोशिश का समर्थन करते हैं जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि ईरान अब परमाणु हथियार, मिसाइल या आतंक का खतरा न बने. लेकिन अंत में ये साफ कर दिया कि दो हफ्ते का सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता.
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ईरान ने साफ़ किया कि पीस प्लान में लेबनान शामिल है. उसने एक पॉइंट में प्रस्ताव रखा था कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली हमले पर रोक लगाई जाए. ईरानी मीडिया फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज बंद कर दिया है. इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इसपर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ़ किया कि लेबनान पर हमला सीजफायर का उल्लंघन है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ के पोस्ट को रीशेयर करते हुए लिखा,
‘ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की शर्तें बेहद साफ और स्पष्ट हैं. अमेरिका को सीजफायर या फिर इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखने के बीच में से किसी एक को चुनना होगा. दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते.’
8 अप्रैल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने X पर पोस्ट कर ईरान युद्ध में सीजफायर की जानकारी दी थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि पीस प्लान में लेबनान शामिल है. अब्बास अराघची ने इसी पोस्ट को रीशेयर किया. अब 10 अप्रैल को समझौते की पहली बैठक इस्लामाबाद में होनी है. लेकिन न्यूज़ एजेंसी तसनीम ने ईरानी सूत्रों के हवाले से ये बताया है कि अगर इजरायल लेबनान पर हमला नहीं रोकता है तो ईरान सीजफायर समझौते से पीछे हट जाएगा.
वीडियो: इजरायल ने सीजफायर मानने से क्यों इंकार किया? लेबनान की वजह से टूटेगा सीजफायर?






















