The Lallantop

'पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, यूएस ने तो सिर्फ इसलिए... ', सीजफायर से नाराज इजरायल ने अब सब बताया

Pakistan ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि, इस समझौते के 24 घंटे के अंदर ही पश्चिम एशिया में फिर से धमाके शुरू हो गए हैं. इजरायल नाराज है, अब उसने पूरी कहानी बताई.

Advertisement
post-main-image
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 (फाइल फोटो: ITG)

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार (Reuven Azar) ने कई मुद्दों पर इजरायली सरकार का रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि इजरायल, पाकिस्तान को भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं मानता. पाकिस्तान ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि, इस समझौते के 24 घंटे के अंदर ही पश्चिम एशिया में फिर से धमाके शुरू हो गए हैं. लेबनान में इजरायल ने हमले कर दिए. उसकी तरफ से ये भी बताया गया है कि आखिरी समय तक सीजफायर को लेकर उसे खबर न करने के चलते वो अमेरिका से नाराज है. अब रूवेन अजार ने इस पर खुलकर बात की. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे के गौरव सावंत के साथ एक खास बातचीत के दौरान, रूवेन अजार ने कहा कि इजरायल अपने कामों को अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित मानता है. उन्होंने कहा कि इजरायल, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. इनमें हिजबुल्लाह भी शामिल है. अजार ने आगे कहा, 

“जब भी हमें लगेगा कि यह शासन (ईरान) इजरायल के खिलाफ सामूहिक विनाश के हथियार बना रहा है, तो हम कार्रवाई करेंगे. ईरान का यह रुख संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन है.”

Advertisement

मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर रूवेन अजार ने कहा, 

“हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर नहीं देखते. मुझे लगता है कि अमेरिका ने अपनी वजहों से पाकिस्तान की मदद लेने का फैसला किया है. हमने पहले भी देखा है कि कैसे अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे देशों को हमास के साथ एग्रीमेंट करने के लिए इस्तेमाल किया है... हमारे लिए, यह बहुत जरूरी है कि हम अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखें.”

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा,

"इजरायल को उन देशों के खिलाफ अपना बचाव करने का अधिकार है, जिन्होंने हमें तबाह करने की कसम खाई है."

इसके साथ ही उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इजरायल ने फिलहाल ईरान के खिलाफ सीधे हमले रोक दिए हैं. हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया कि इजरायल का ध्यान अब लेबनान में हिजबुल्लाह की तरफ बढ़ रहा है. 

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान ईरान युद्ध रुकवाने की बातचीत में कोई 'मध्यस्थ' नहीं था, बड़े पत्रकार ने सच बता दिया

8 अप्रैल को इजरायल ने लेबनान में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए. इन हमलों में 112 लोगों के मारे जाने और 837 लोगों के घायल होने की खबर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि सीजफायर समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है. इसके उलट समझौता कराने वाले पाकिस्तान का दावा है कि सीजफायर समझौते में लेबनान पर भी हमला रोकने की बात हुई थी. इन सबके बीच ईरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है. 

वीडियो: राजधानी: पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका में सीजफायर कराया, भारत पर क्या असर पड़ेगा?

Advertisement