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कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल को गोलगप्पों से सजाया, फिर लोगों ने जो किया आप माथा पीट लेंगे!

कोलकाता के इस पंडाल को देखने लोगों की भीड़ भी उमड़ी. लेकिन पंडाल लगाने वाले बेहाला नतुन दल के होश तब उड़े, जब उन्होंने देखा कि पंडाल से सारे गोलगप्पे गायब हैं.

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600 गोलगप्पों से सजाया गया था पूजा पंडाल. (फोटो क्रेडिट - ANI)

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा(Kolkata Durga Puja Pandal) की धूमधाम खास होती है. पूरे देश में दुर्गा पूजा के पंडाल लगाए जाते ही हैं लेकिन बंगाल की बात कुछ और है. नौ दिनों के लिए सजने वालों इन पंडालों में सबसे अहम होती है सजावट. कोलकाता में अपने पंडाल को अलग बनाने के लिए कुछ ज्यादा ही अनोखा प्रयोग कर डाला. कोलकाता के एक पंडाल को करीब 600 गोलगप्पों (पानीपुरी) से सजाया गया. 

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इस पंडाल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. 

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पंडाल देखने लोगों की भीड़ भी उमड़ी. लेकिन पंडाल लगाने वाले बेहाला नतुन दल के होश तब उड़े, जब उन्होंने देखा कि पंडाल से सारे गोलगप्पे गायब हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक, बेहाला नतुन दल ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. दरअसल, गोलगप्पों को पंडाल में चिपकाने से पहले केमिकल में डाला गया था. आयोजकों को डर है कि जिन लोगों ने इन्हें खाया है, वे बीमार पड़ सकते हैं.

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पूजा पंडाल के संयोजक संदीपन बनर्जी ने बताया कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि लोग गोलगप्पे खा न लें. इसके चलते उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गोलगप्पों में केमिकल होने की बात सार्वजनिक की थी. पंडाल में भी इसकी घोषणा की थी कि लोग गोलगप्पे न खाएं.

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कैसे पता चला कहां गए गोलगप्पे?

संदीपन ने आगे बताया कि पूजा के आखिर तक सजावटी गोलगप्पे कुरकुरे दिखाई दें, इसके लिए उन पर केमिकल का इस्तेमाल किया गया था. इसे खाने से लोगों को बीमारियां हो सकती हैं. संदीपन ने ये भी बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को गोलगप्पे निकालते हुए देखा था, लेकिन उन्हें लगा नहीं था कि वो उसे खा लेगा. लेकिन CCTV फुटेज में उसे खाते देखकर वे घबरा गए.

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संदीपन ने कहा कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि ज्यादा लोगों ने ये गोलगप्पे नहीं खाए होंगे. उन्हें लगा था कि कुछ लोग ये देखने के लिए गोलगप्पे निकाल रहे हैं कि वे असली हैं या नकली. रिपोर्ट में पंडाल में जाने वालीं संचारी दास के हवाले से बताया गया कि इतने सारे गोलगप्पे देख एक बार तो उनका मन भी उन्हें खाने का हुआ था. लेकिन वहां मौजूद वॉलिंटियर्स ने आदेश दिया था कि हमें उनसे दूर रहना है.

बेहाला नतुन दल ने कहा कि गायब हुए ज्यादातर गोलगप्पेे साल के पत्तों पर चिपके थे. इन्हें मूर्ति के सामने 15 लेयरों में चिपकाया गया था. इनके अलावा कुछ गोलगप्पे डब्बों में भी रखे थे, लेकिन लोग उन तक नहीं पहुंच पाए. हालांकि कुछ लोगों ने मूर्ति पर चढ़ाए गोलगप्पे भी उठा लिए.

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