सुशांत सिंह राजपूत की उलझी गुत्थी सुलझाने के लिए जांच अब CBI को सौंप दी गई है. जांच के लिए CBI ने SIT बनाई है, जिसे गुजरात कैडर के IPS अधिकारी मनोज शशिधर लीड करेंगे. उनके अलावा टीम में तीन और अधिकारी हैं. एक हैं IPS अधिकारी गगनदीप गम्भीर. दूसरी हैं IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद और तीसरे हैं अनिल यादव. एक-एक करके तीनों अधिकारियों के बारे में जानते हैं.
कौन हैं CBI के वो चार अफसर जो सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच करेंगे?
कई बड़े-बड़े केस चुटकियों में सॉल्व कर चुके हैं.


1- मनोज शशिधर
ये SIT के मुखिया बनाए गए हैं. मतलब केस को लीड यही करेंगे. गुजरात कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं. जनवरी, 2020 में इन्हें CBI का ज्वाइंट डायरेक्टर अप्वाइंट किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी. CBI से पहले मनोज शशिधर गुजरात में स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में एडिशनल DG थे. इसके अलावा, वडोदरा के पुलिस कमिश्नर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में DCP और अहमदाबाद में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं. इसके साथ ही गुजरात के पांच जिलों में वह SP के रूप में सेवा दे चुके हैं.

2- गगनदीप गम्भीर
बिहार की गगनदीप गम्भीर 2004 बैच की IPS अधिकारी हैं. गगनदीप पंजाब यूनिवर्सिटी की टॉपर रह चुकी हैं. पश्चिमी राज्यों के कई जिलों में बतौर SSP सेवाएं दे चुकी हैं. और डेढ़ साल पहले ही CBI में इनकी नियुक्ति हुई है. गगनदीप कई हाई-प्रोफाइल केस समेत कई बड़े घोटालों की जांच टीम का भी हिस्सा रही हैं. उन्होंने अवैध खनन मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कथित भूमिका की जांच को भी सुपरवाइज किया था. इसके बाद इन्हें श्रीजन घोटाले और पत्रकार उपेंद्र राय के खिलाफ केस करने वाली यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया था. ज्वाइंट डायरेक्टर साईं मनोहर की अगुवाई वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में गगनदीप के पास DIG का अतिरिक्त प्रभार भी था. वही टीम, जो विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही थी और इसे पहले राकेश अस्थाना हेड कर रहे थे. कोयला घोटाल से भी जुड़े कुछ मामलों की जांच गगनदीप ने की है.

3- अनिल यादव
CBI के एडिशनल SP हैं. सुशांत केस में इन्हें इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर नियुक्त किया गया है. ये मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले और MBBS छात्रा नम्रता डामोर की मौत के मामले में जांच अधिकारी रह चुके हैं. इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड, शोपियां रेप केस और विजय माल्या केस की भी जांच कर चुके हैं. अनिल यादव का मध्य प्रदेश में CBI के साथ 2014 से 2016 तक, दो साल का कार्यकाल था और इसी दौरान उन्होंने नम्रता डामोर केस की जांच की थी. वही स्टूडेंट, जिसकी बॉडी रेलवे ट्रैक के पास मिली थी. कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले की जांच में तो अनिल यादव को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित भी किया गया था.

4- नूपुर प्रसाद
टिकारी के सलेमपुर गांव की रहने वाली हैं. 2007 बैच की AGMUT कैडर की IPS अधिकारी हैं. नूपुर की नियुक्ति CBI में 2019 में हुई थी.दिल्ली के शहादरा की DSP रह चुकी हैं. CBI में बतौर SP कार्यरत हैं. सुशांत केस में CBI की तरफ से गठित SIT टीम में इन्हें भी जिम्मा मिला है.

पटना में सुशांत के पिता केके सिंह ने जो FIR दर्ज करवाई थी, उसकी जांच अब CBI को ट्रांसफर हो गई है. CBI ने 6 अगस्त को इस मामले में FIR भी दर्ज कर ली. रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार समेत छह लोगों के खिलाफ केस IPC (भारतीय दंड संहिता) की आठ धाराओं के तहत दर्ज हुआ है. रिया पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.
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