जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा'ताज़ महल' एक फिल्म हुई. इसी में था ये गाना. शाहजहां बने प्रदीप कुमार गा रहे हैं. अपनी मल्लका-ए-आज़म मुमताज़ महल के लिए. रफ़ी की आवाज़, अहा! अब यही गाना दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार मनोज तिवारी के लिए गा रही है. AAP ने ट्वीट करके पैसे मांगे हैं मनोज तिवारी से अक्टूबर महीने में मनोज ने AAP को लाख रुपये देने का वादा किया था. शर्त रखी थी कि अगर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज़ को मंज़ूरी दे देते हैं, तो वो यानी मनोज AAP को 1,11,100 रुपये का चंदा देंगे. अक्टूबर बीता. नवंबर बीता. और फिर आई दिसंबर की 19 तारीख़. केजरीवाल सरकार ने फेज़-4 मेट्रो को हरी झंडी दे दी. इसका ऐलान करने के बाद AAP ने लगे हाथों मनोज से पैसे भी मांग लिए. बाक़ायदा मनोज तिवारी को टैग करके ट्वीट कर दिया. लिखा-
आशा है मनोज तिवारी जी बीजेपी और नरेंद्र मोदी जी की तरह वादा करके उन्हें जुमला नहीं बताएंगे. नीचे डोनेशन लिंक दिया है. इस पर जाकर कृपया आप ऑनलाइन डोनेट कर अपना वादा निभाने के साथ ही डिजिटल इंडिया के भी भागीदार बन सकते हैं.
केजरीवाल सरकार को घेरने के दौरान एक दिन मनोज तिवारी ने ट्वीट कर दिया-
अरविंद केजरीवाल जी, तुमको लोग चुने हैं. ऐसी सज़ा मत दो दिल्ली को, जिस दिल्ली ने 70 में से 67 सीट दे दिए, वो मुख्यमंत्री कहता है कि हम दिल्ली को चौथे फेज़ की मेट्रो नहीं देंगे? भैया, तुम्हें चंदा चाहिए न तो लो तुम चौथा फेज़ मेट्रो पास करो मैं अपनी गायिकी से कमाए पैसों में से 1,11,100 रुपये दूंगा.फंडिंग कौन करेगा, इसपर कन्फ्यूजन था जिस हफ़्ते की ये बात है, उसी हफ़्ते AAP ने एक चंदा जमा करने का अभियान शुरू किया था. इसका नाम था- आप का दान, राष्ट्र का निर्माण. इस कैंपेन के रास्ते पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए चंदा जमा करना शुरू किया था. इसके पहले हुआ ये था कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने बयान दिया था. उनका इल्ज़ाम था केजरीवाल सरकार ने पिछले तीन-चार साल से मेट्रो के चौथे फेज़ को मंज़ूरी नहीं दी. इस पर फिर मनीष सिसोदिया का जवाब आया. उन्होंने कहा कि हमें लगा था शहरी विकास मंत्रालय इस प्रॉजेक्ट की फंडिंग करेगा. सिसोदिया का बयान था-
हरदीप सिंह पुरी जी ने कहा था कि वो मेट्रो के चौथे फेज़ का फंड देंगे. हमें लगा था कि वही देंगे फिर.
रामदास अठावले ने कहा है कि धीरे-धीरे जनता के अकाउंट में 15 लाख आ जाएंगे क्या नितिन गडकरी के 2019 के रोडमैप में अयोध्या राम मंदिर नहीं है?





















