कश्मीरी IAS टॉपर ने जो कहा उससे केजरीवाल और पाकिस्तान के इमरान खान बहुत खुश होंगे
अपनी पॉलिटिकल पार्टी लॉन्च कर दी है शाह फैसल ने.
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शहला राशिद ने भी जॉइन की पार्टी.
कश्मीर में राजनीति गर्मा गई है. 2009 के IAS टॉपर ने पहले ही अपनी नौकरी से रिजाइन करके ऐलान कर दिया था कि वो राजनीति में जाएंगे. अब रविवार यानी 17 मार्च को शाह फैसल ने अपनी पार्टी भी लॉन्च कर दी. श्रीनगर के राजबाग़ में एक रैली में 'जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट' नाम से पार्टी लॉन्च की. इस दौरान शाह फैसल ने कहा, " मैं जम्मू और कश्मीर के लोगों का स्वागत करता हूं जो इस आयोजन में पहुंचे. पहले मैंने सोचा था कि राजनीति में मैं कश्मीर की किसी बड़ी पार्टी को जॉइन करूंगा. मगर उनका मेरे प्रति बेहर नकारात्मक रवैया था. इसलिए मैंने सोचा कि मैं अपनी ही एक पार्टी लॉन्च करूंगा जो कश्मीरी युवाओं के लिए नया प्लैटफॉर्म होगा. जो लोग मुझे अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए तैयार थे, उन्हें जब मैंने मना किया तो वो मुझे आरएसएस और बीजेपी का एंजेंट बताने लगे." इस दौरान फैसल ने ये भी कहा कि वो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उनके राजनीतिक संघर्ष के लिए सम्मान करते हैं. फैसल ने कहा कि " हमारी पार्टी कश्मीर के मसले का लोगों की इच्छाओं के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से निपटारा करने के लिए काम करेगी. हम यहां के युवाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे." फैसल कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से आते हैं और जनवरी 2019 में जब इस प्रशासनिक अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दिया था तो पार्टी लॉन्च करने के लिए सोशल मीडिया पर क्राउडफंडिंग का सहारा भी लिया था. फैसल की इस पार्टी को जॉइन करने वालों में दिल्ली में जेएनयू की एक्स-प्रेसिडेंट शहला राशिद सबसे आगे रहीं. शहला ने अपने भाषण में कश्मीर की महिलाओं को आगे आकर पार्टी से जुड़ने का आवाहन किया. अभी ये साफ नहीं हुआ है कि शाह फैसल की ये पार्टी लोकसभा चुनाव लडे़गी या नहीं. सुनिए क्या बोले फैसल -
साल 2009 में सिविल सर्विसेज एग्जाम के टॉपर रहे शाह फैसल ने इसी साल जनवरी में अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर पॉलिटिक्स की तरफ कदम बढ़ाया था. फैसल सिविल सर्विसेज के एग्जाम को टॉप करने वाले पहले कश्मीरी नागरिक थे. नौकरी से इस्तीफ देने का ऐलान करते हुए फैसल ने ट्विटर पर लिखा था कि कश्मीर में हो रहीं निर्बाध हत्याओं के विरोध और केंद्र सरकार की ओर से किसी भी विश्वसनीय राजनीतिक पहल के अभाव के चलते उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है. कश्मीरी लोगों की जिंदगी भी कीमती है. पहले बात चली थी कि वो फारुक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस जॉइन करेंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि वो बारामुला सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
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