हौच पौच को सुंदर बनाना है. इसके लिए आलिया की एंट्री करवाई जाती है. उनका दायित्व होगा अर्जुन को डेट करना. फिर सॉरी भाई और मेरे ब्रदर की दुलहन वाले प्लॉट पर कब्जा किया जाएगा. इसलिए अब आलिया को फवाद खान भी हॉट लगने लगा है. इसकी परिणिति होती है होंठ टच के रूप में.
उसके बाद ब्रदर बने दुश्मन. मम्मी पापा का झगड़ा भी सातवें आसमान पर. और दद्दू को अब होना होगा बीमार. कुछ पुराने राज खुलेंगे. पक्का एक भाई या तो गर्लफ्रेंड का बच्चा होगा या अंधेरी भीगी रात में एक्सिडेंट के बाद बचा होगा. आखिर में आलिया अपने पुराने बॉयफ्रेंड के पास लौट आएगी. कुर्बानी वगैरह की भी गुंजाइश निकाली जा सकती है. और ऋषि दादू के जाने से पहले खिंचेगी एक फोटो. प्रॉड्यूसर करण जौहर की बत्तीसी के साथ. अब आप कृपया खड़े हो जाएं. बैकग्राउंड में कभी खुशी कभी गम बजने को है.
ये सब है फिर भी लल्लन ये फिल्म देखने जाएगा. और उसकी ये तीन वजहें बताई जा रही हैं.
1.
क्यूट और सेक्सी का ब्रह्मानंद सहोदर उत्पन्न होने को है. आलिया. फूलों वाले प्रिंट की शार्ट ड्रेस में. सीधे आंख में झांकती. पछतावे को पछोरती. फवाद खान. ऐसा लड़का, जिस पर लड़कों को भी क्रश हो जाए. और सिद्धार्थ मलहोत्रा. बोले तो ठीक, वर्ना नजर से ही कतल हो जाएं हम.2.
ऋषि कपूर. स्वेटर से तोंद छिपाने वाली ऐज निकली. फिर ब्रेक लिया. और अब वापस हैं. ये पारी बढ़िया है. और कपूर एंड संस में तो करोड़ों का मेकअप कर वाकई परदादा जैसे दिख रहे हैं. उनका ट्वीट विट छलक रहा है यहां भी.3.
शकुन बत्रा को एक चांस मिलना चाहिए. उन्होंने झांटू फिल्म बनाई. एक मैं और एक तू. इसमें मामा कोटे से इरफान थे. आमिर इसी को याद कर जयते के तीसरे ऐपिसोड में रोए थे. पर उसके बाद उन्होंने एआईबी टोली को साथ ले आलिया पर अच्छी फिल्म बनाई. जीनियस ऑफ द ईयर. और रजत कपूर रत्ना पाठक शाह जैसे एक्टर भी तो हैं यहां पर.और आखिर में वह बात, जो पूरे ट्रेलर के दौरान गूंजती रहती है. ये एक गाना है, जिसके बोल हैं. लड़की ब्यूटीफुल कर गई चुल्ल. चुल्ल यानी भीतर यौनांगों में मचलती खुजली. संभोगातुर अवस्था को दर्शाता शब्द. ये 2016 का समय है, मगर 1994 में आई फिल्म बैंडिट क्वीन में ये पिघले सीसे सा लगता है. आप भी गौर फरमाएं. सूबा यूपी, जिला जालौन, तहसील कालपी, गांव गुढ़ा का पुरवा. ज्यादातर मल्लाह, कुछ ठाकुर वगैरह भी. देवीदीन की बिटिया फूलन मायके में है. खसम से नहीं बनी. यहीं मुखिया जी का बेटा अशोक उसके साथ सेक्स करने की कोशिश करता है. फूलन विरोध करती है. मारपीट होती है. अब पंचायत बैठी है. आपको सीधे वहीं ले चलते हैं.
काए देवीदीन. तुमाई मौड़ी को पंचों के सामने खड़े होने का शऊर नहीं है. (फूलन का सिर उघड़ा है, अब वह सर पर साड़ी का पल्ला रख लेती है) मुखियाः काए मौड़ी (लड़की), तूने खेत में अशोक को अपने पास काए बुलाया. फूलनः मैंना कहां बुलाया. वो तो खुद्दे आया. अच्छा, खुद्दै आया. काए बेटा अशोक, बताओ जा मौड़ी ने का कही. अरे बेटा सुरेश तुम बताओं पंचन का. सुरेशः काका पंचः डरो मत सुरेशः जाने कही थी अशोक से कि बहुत चुल्ल उठत है.तो क्या मतलब निकालें चुल्ल का. भीतर की खुजली. आदमी की या औरत की. और कैसे पटाएगी. जब कोई आदमी औरत के साथ सेक्स करेगा. तो उसकी चुल्ल शांत हो जाएगी. अगर इसका ये मतलब है. और यही माना जाता है. तो फिर 2015 में कैसी क्रांति हो गई. कि लड़का खुलेआम कह रहा है. अब शर्मा नहीं रहा है. और लड़कियां ऑफेंड नहीं हो रही हैं. खुश हो रही हैं.


Source- Youtube
मने पढ़े थे. कि सुंदरता दो किस्म की होती है. एक जो शांति भरे. दूसरी जो बेचैन करे. ये वही वाली है क्या. बेचैन करे तो क्या करें. बोल दें. बड़बड़ाते वक्त में. पर दिक्कत है. निजी है. अंदरूनी है. कि फूलन की शकल याद आ जाती है. और मर्दों के ठहाके भी. आज के लिए इतना ही. जाते जाते देख लीजिए कपूर एंड संस का ट्रेलर.
https://youtu.be/s7YYt9_KfsM























