जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी JNU कैम्पस में 5 जनवरी की शाम जमकर बवाल हुआ. कुछ नकाबपोशों ने स्टूडेंट्स और टीचर्स को लाठियों से पीटा. कैंपस में जमकर तोड़-फोड़ भी हुई. करीब 34 लोग घायल हुए. इनमें से एक JNUSU की अध्यक्ष आइशी घोष भी हैं. उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं. इलाज के लिए उन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया था.
JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, 'हमलावरों में से कुछ के चेहरे पहचान सकती हूं'
ABVP मेंबर्स के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की तैयारी में हैं आइशी.
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बाएं से दाएं: JNUSU प्रेसिडेंट आइशी घोष. हमला करते नकाबधारी लोग.
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6 जनवरी के दिन आइशी डिस्चार्ज हो गईं. उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत की. जानकारी दी कि जब वो ठीक-ठाक हालत में हो जाएंगी, तो दिल्ली पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करवाएंगी. उन्होंने कहा,
'ABVP मेंबर्स के खिलाफ हम लोग एक संयुक्त तौर पर एक FIR दर्ज करवाने की प्लानिंग कर रहे हैं. जिन्होंने स्टूडेंट्स के ऊपर हमला किया था, उनमें से कई लोगों को मैं पहचान सकती हूं. क्योंकि कुछ लोगों के चेहरे से नकाब हट गए थे. मैं और बहुत से स्टूडेंट्स घायल हुए थे. उनकी MLCs आ गई हैं, जिससे चोट की गंभीरता दिखाई दे रही है.'
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JNU में हुई हिंसा को लेकर लेफ्ट यूनियन से जुड़े हुए लोग ABVP के ऊपर आरोप लगा रहे हैं. वहीं ABVP के सदस्य लेफ्ट यूनियन से जुड़े लोगों पर आरोप लगा रहे हैं. मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है.
वीडियो देखें:
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