जेएनयू प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर स्टूडेंट्स पर हमले की कड़ी निंदा की.
रविवार, 5 जनवरी 2020 की रात कुछ अराजक तत्वों ने JNU परिसर के अंदर हॉस्टलों में घुसकर स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की. हॉस्टल के कमरों में तोड़फोड़ की गई. सोशल मीडिया इस हमले में घायल स्टूडेंट्स की तस्वीरों और वीडियोज से भरा पड़ा है. JNU स्टूडेंट्स पर हुए इस हमले के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुआ है. लेफ़्ट के छात्र संगठन इस हमले के लिए RSS के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं. वहीं, ABVP इसे वामपंथी पार्टियों की साजिश बता रही है. JNU के वाइस-चांसलर मामिडाला जगदीश कुमार 6 जनवरी की सुबह मीडिया के सामने आए.
जेएनयू की वर्तमान स्थिति प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा प्रोटेस्ट में हिस्सा नहीं ले रहे छात्रों को अकादमिक प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने का नतीजा है. उन्होंने विंटर सेमेस्टर के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी के कम्युनिकेशन सर्वर्स को नुकसान पहुंचाया था.
और क्या बोले जगदीश कुमार,
मैं सभी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. यूनिवर्सिटी सभी छात्रों की पढ़ाई-लिखाई के अधिकार के साथ खड़ा है. विंटर सेमेस्टर का रजिस्ट्रेशन बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा. छात्रों को रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के लिए डरने की जरूरत नहीं है. छात्रों का अकैडमिक हित यूनिवर्सिटी की प्राथमिकता है.
इस पूरे वाकये पर JNU प्रशासन ने 5 जनवरी की देर रात एक प्रेस रिलीज जारी किया. इस प्रेस रिलीज को JNU के वाइस चांसलर मामिडाला जगदीश कुमार ने भी ट्वीट किया था.
जेएनयू प्रशासन कैंपस के अंदर हुई हिंसा में घायल छात्रों के दर्द को महसूस करता है. जेएनयू प्रशासन कैंपस के अंदर किसी भी तरह की हिंसा की कड़ी निंदा करता है.
उधर, केंद्र सरकार की तरफ से भी कार्रवाई की बात की गई है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव ने JNU के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर और रेक्टर को तलब किया है. उनसे घटना की रिपोर्ट ली जाएगी.
मानव संसाधन विकास मंत्री हैं रमेश पोखरियाल निशंक. उन्होंने JNU हिंसा के बाद ट्वीट किया था,
#JNU में हुई हिंसा अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं परिसर के भीतर हुई हिंसा की निंदा करता हूं. मैं सभी विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गरिमा और परिसर में शांति बनाए रखने की अपील करता हूं.
वीडियो : JNU प्रशासन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी, छात्रों को परीक्षा देने से रोक रहे हैं