
जेएनयू का बंद गेट और बाहर तैनात पुलिस
गेट के बाहर मौजूद स्टूडेंट्स की भीड़ दिल्ली पुलिस जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारे लगा रही थी. दी लल्लनटॉप की से बात करते हुए इन स्टूडेंट्स ने खुद के एबीवीपी से जुड़े होने की बात कही.
तभी गेट से थोड़ी दूर अचानक से तेज शोर हुआ. 'देश द्रोही गो बैक', 'नक्सलवादी गो बैक' की आवाज़ आने लगी. हम उस तरफ बढ़े तो वहां भीड़ के बीच फंसे स्वराज इंडिया पार्टी के नेता योगेंद्र यादव दिखाई दिए. गेट के सामने नारेबाजी कर रही भीड़ उनकी तरफ पलटी और उन्हें पीछे की ओर धकेलने लगी. थोड़ी देर पहले तक माता..माता भारत माता के नारे लगा रहे लोगों के मुंह पर अब मां-बहन की गालियां आ चुकी थीं. 'देश के गद्दारों को जूता मारों सा** को' और 'मार सा** को' की आवाजें गूंज रही थीं. भीड़ योगेंद्र यादव और उनके साथियों पर झपट पड़ी. और उनके साथ मारपीट करते हुए लगभग 100 मीटर तक घसीट ले गई. योगेंद्र और उनके साथी बचने के लिए राष्ट्रगान गाने लगे.
लेकिन हमलावरों की गाली-गलौज के आगे जन गण मन की आवाज़ दब गई. हमलावरों ने वहां मौजूद मीडिया वालों को भी नहीं बख्शा और उन पर भी लात घूंसों से हमला कर दिया.

योगेंद्र ने फेसबुक पोस्ट कर अपने ऊपर हुए हमले के बारे में बताया
इतना सब होने तक मूक बनी रही पुलिस अचानक हरकत में आई. सारे स्ट्रीट लाइट जल गए. और हमलावरों की पूरी भीड़ अचानक से गायब हो गई. योगेंद्र और उनके साथियों ने हमलावरों की ओर इशारा करके उन्हें पकड़ने की बात कही हैं लेकिन दिल्ली की पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया. और हमलावर बच निकले.
पहली बार रात 9.30 बजे के लगभग. मैं कैंपस में टीचर्स से बात कर रहा था. एक पुलिस इंस्पेक्टर ने मुझे घसीटा. उसने नेमप्लेट नहीं लगाया था. इसके बाद एबीवीपी और आरएसएस के लोगों ने मुझे धक्का दिया और मेरा मफलर खींच लिया. इन लोगों के साथ संस्कृत डिपार्टमेंट के प्रोफेसर मिश्रा भी मौजूद थे. मैं नीचे गिर गया, मुझे हल्की चोट भी आई. मैं किसी तरह उठा लेकिन पुलिस ने धकेलना जारी रखा.
दूसरी बार 10.50 पर मैं डी राजा के साथ था. जब 20-30 गुंडों ने मुझ पर हमला किया. गाली-गलौज और मारपीट की. इसके बावजूद कि हम राष्ट्रगान गा रहे थे. मैं डिवाइडर पर पीठ के बल गिर गया. हल्की चोट आई. मेरे चेहरे पर मुक्का मारा गया. पुलिस खड़ी होकर देख रही थी. थोड़ी देर बाद डीसीपी आए.
तीसरी बार 12.30 बजे हम मेडिकल कराने एम्स के ट्रामा सेंटर आए थे. इमरजेंसी वार्ड के बाहर इंस्पेक्टर शिव राज ने मेरे साथी राजा और मेरे ड्राइवर को पीटा. और मुझे धक्का दिया. ये जानते हुए भी कि मैं मरीज हूं. और ये सब एडिशनल डीसीपी परविंदर सिंह की मौजूदगी में हुआ.

गेट के सामने भारत माता की जय के नारे लगाता शख्स जो योगेंद्र यादव पर हमला करने वालों में भी शामिल था.
दिल्ली पुलिस ने बनाई जांच टीम
























