बताया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकी अब्दुल रहमान को इंडिया प्लेसमेंट के लिए भेजा गया था. प्लेसमेंट यानी आतंकियों की रिक्रूटमेंट के लिए. इसके अलावा अब्दुल रहमान को आतंकियों का एक दस्ता तैयार करने का मिला था.बारामूला के जीओसी मेजर जनरल जीएस नैन ने कहा, 'हमें दो आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी. आतंकी के पास से जो आधार कार्ड मिला है. हम इसकी जांच करेंगे. आतंकियों का इरादा इंडिया में फिदायिन हमला करने का था.' https://twitter.com/ANI_news/status/731747579504013313 आधार कार्ड में अब्दुल रहमान का दूसरा नाम लिखा हुआ है. आधार कार्ड में फोटो अब्दुल की ही है. लेकिन नाम लिखा हुआ था शबीर अहमद खान. पिता का नाम गुलाम रसूल खान. पुलिस ने बताया कि अब्दुल रहमान मुजफ्फराबाद का रहने वाला है. फरवरी में इंडिया आया था. अब्दुल रहमान बीते कुछ वक्त से जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी गतिविधियों को संभाल रहा था. सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल रहमान पठानकोट हमले के प्लान में भी शामिल रहा था. पहले भी मिला है आतंकी के पास आधार कार्ड पुलिस ने इससे पहले जैश आतंकी मोहम्मद सिदिक को पकड़ा था. 18 साल का सिदिक पाकिस्तान के सियालकोट का रहने वाला है. इस आतंकी के पास से भी आधार कार्ड मिला था. पुलिस ने बताया कि बीते वक्त से आतंकी अपनी झूठी पहचान दिखाकर बच निकलने के लिए फर्जी आईडी कार्ड्स का यूज कर रहे हैं. जानिए मौलाना मसूद के जैश-ए-मोहम्मद की 10 बातें
आतंकियों की 'प्लेसमेंट' के लिए इंडिया आए जैश कमांडर के पास मिला आधार कार्ड
सुरक्षाबलों ने धर दबोचा है इस आतंकी को. सुसाइड अटैक करने की थी प्लानिंग.
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फोटो - thelallantop
जैश कमांडर अब्दुल रहमान को सुरक्षाबलों ने धर दबोचा है. जम्मू कश्मीर के बारामूला से सुरक्षाबलों ने शनिवार देर रात इस आतंकी को पकड़ा है. अब्दुल रहमान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का नागरिक बताया जा रहा है. लेकिन उधर के इस आतंकी नागरिक के पास इंडिया वाला आधार कार्ड मिला है. आर्मी वालों का कहना है कि कार्ड असली है या नकली, इसकी जांच करेंगे.
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