मुफ्त मुफ्त मुफ्त! अम्मा फिर से अपने चुनावी फ्रीबीज़ के साथ वापस आ गई हैं. अम्मा यानी जयललिता. फ्रीबीज़ यानी मुफ़्त का माल. 16 मई से तमिलनाडु में होने वाले विधान सभा चुनावों के चलते सत्ता पक्ष ने भी डीएमके के मैनिफेस्टो के जवाब में फ्रीबीज़ का ढेर लगा दिया है. अम्मा ने सत्ता वापसी पर सभी राशन कार्ड होल्डर्स माने 1.92 लोगों को मुफ्त मोबाइल, सभी को 100 यूनिट मुफ्त बिजली और सार्वजानिक स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई देने का वादा किया है. वादे तो चुनाव आते ही बड़े-बड़े कर दिए जाते हैं. हालांकि इसी तर्ज पर केजरीवाल के फ्री वाईफाई का दिल्ली वालों को अभी भी इंतज़ार है. ऐसे में जयललिता क्या कर पाएंगी देखने वाली बात है. मेनिफेस्टो घोषित करने के लिए अक्सर पार्टियां, पार्टी ऑफिस का प्रयोग करती हैं. पर अम्मा ने इसके लिए अबकी बार चुनी एक पब्लिक मीटिंग. वो भी तब जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और डीएमके अध्यक्ष करुणानिधि अपने पक्ष में हवा बनाने के लिए साथ में एक रैली करने वाले थे.
कुछ भी हो मगर ऐसे घोषणाएं इस ओर इशारा जरूर करती हैं कि हमेशा सेलिब्रिटी राजनेताओं के इर्द-गिर्द घुमते रहने वाले तमिलनाडु चुनावों में अब ये राजनेता जनता की जरूरतों के बारें में भी सोचने लगे हैं. बहुत सारे क्षेत्रों को कवर करते ये फ्रीबीज़ और घोषणाएं क्या-क्या हैं, आइये जानते हैं-
1. स्टूडेंट्स के लिए फ्री लैपटॉप 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए फ्री लैपटॉप की स्कीम जो पहले से मौजूद है, जारी रहेगी. उसके साथ ही उन्हें फ्री वाई-फाई कनेक्शन भी दिए जाएंगे.
2. नौकरी कई योजनाओं और स्किल ट्रेनिंग के जरिए हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी.
3. बिजली हर घर को 100 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी. जिसके बाद 78 लाख परिवारों को बिजली का बिल देने से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
4. मातृत्व स्कीम के तहत मदद I. मातृत्व स्कीम के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद को 12000 से बढाकर 18000 किया जायेगा. II. थाली (मंगल सूत्र) के लिए दिए जाने वाले 4 ग्राम सोने की मात्रा बढ़ाकर दुगनी कर दी जाएगी.
5. फसल कटाई फसल कटाई के समय मनाए जाने वाले त्योहार पोंगल के समय कपड़ों की खरीद के लिए लोगों को 500 रुपये का कूपन दिया जायेगा.
पर उसका प्रयोग लोग राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही तमिलनाडु हथकरघा बुनकर सोसाइटी की दुकानों पर कर सकेंगे.
6. कृषि कर्ज सहकारी कृषि कर्जों पर आर्थिक छूट दी जाएगी.
7. नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ के 'अम्मा वेंचर कैपिटल फंड' की शुरुआत की जाएगी.
8. छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए छोटे और मध्यम उद्योगों को सहायता देने के लिए 100 करोड़ के अम्मा सहायक गारंटी फंड की शुरुआत की जाएगी.
9. एजुकेशन लोन पढ़ाई के लिए लोन लेने के बाद बेरोजगार रह गए लोगों के लोन की भरपाई सरकार करेगी.
10. महिलाओं के लिए औरतों के स्कूटर या मोपेड खरीदने पर सरकार उन्हें 50 फीसदी सब्सिडी भी देगी.
11. बैंकिंग कार्ड्स अम्मा बैंकिंग कार्ड - बैंकों के साथ मिलकर एक अम्मा बैंकिंग कार्ड लाया जायेगा जिससे सभी बैंकिंग निकाले जा सकेंगे और सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा.
12. किसानों के लिए लोन कृषि क्षेत्र में अम्मा ने 2016 से 2021 के बीच 40000 करोड़ रुपये के फसल लोन देने का वादा किया है. सरकार सब्सिडी के साथ ही खेती की सभी प्रक्रियाओं में तेजी भी लाएगी.
13. कृषि में विज्ञान जेनेटिकली मॉडिफाइड बीजों के लिए राज्य देगा और को बढ़ावा देगा. उन्होंने बार बार कावेरी डेल्टा क्षेत्र में कोल बेड मीथेन और शेल गैस प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी.
14. पानी का झगड़ा इंटर-स्टेट नदी विवाद पर एआईडीएमके ने 2007 में कावेरी ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए मुल्लापेरियार बांध के पानी के स्तर को बढाकर 152 फीट पर ले जाने के फैसले को पूरी तरह से अमल में लाया जाएगा.
15. मछुराओं के लिए मछुआरों के लिए पार्टी ने 5000 रुपये की भरपाई की जाएगी. उनके लिए एक अलग घर की योजना का निर्माण और श्रीलंका से कटचाथीवु द्वीप भी वापस लिया जायेगा.
16. बिजली पार्टी ने अगले 5 सालों में अलग-अलग तरीकों से 18,500 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का वादा किया है. तय हुआ है कि बिजली का वितरण अच्छा बनाने पावर इंफ्रास्ट्रक्टर को उन्नत किया जायेगा.
17. लोकायुक्त का मसला एआईडीएमके ने लोकायुक्त की नियुक्ति, कोयंबटूर जैसे शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स को बढ़ाये जाने, हाईवे प्रोजेक्ट की नई सीरीज, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई ग्रेनाइट पॉलिसी का वादा भी किया है.
18. पड़ोसी राज्यों से झगड़ा पडोसी राज्यों से पानी का विवाद, उन राज्यों की सरकारों से बात करके और सुप्रीम कोर्ट के दखल से निपटा लिया जायेगा.
19. महंगाई की मार बहुत सारी मंहगाई काम करने वाली योजनाएं भी शुरू की जाएंगी, जैसे अम्मा सीमेंट, अम्मा डिस्पेंसरी और फ्री मिनरल वाटर स्कीम को बढ़ावा दिया जायेगा.
20. दलितों के लिए एससी/एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों के वेलफेयर की योजनाएं बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च करके एक डॉ बी आर अंबेडकर फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी.