जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने सोमवार, 26 अगस्त को कैंडिडेट की दोबारा लिस्ट जारी की है. इसमें पहले फेज के 15 प्रत्याशियों का नाम है. इससे पहले पार्टी ने सुबह 10 बजे 44 नामों की लिस्ट जारी की थी, जिसे 2 घंटे के अंदर वापस ले लिया गया. पुरानी लिस्ट में जम्मू-कश्मीर BJP के 3 चर्चित नाम नहीं थे. लिस्ट में पूर्व डिप्टी CM निर्मल सिंह, कविंद्र गुप्ता और जम्मू-कश्मीर के पार्टी अध्यक्ष रविंद्र रैना का नाम नहीं था. निर्मल सिंह ने 2014 में बिलावर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. इस सीट पर BJP ने सतीश शर्मा को टिकट दिया था.
जम्मू-कश्मीर चुनाव के लिए BJP की बदली हुई लिस्ट जारी, 44 की जगह 15 नाम ही रह गए
BJP Jammu-Kashmir New List: BJP ने अपने कैंडिडेट की दोबारा लिस्ट जारी कर दी है. इसमें 15 प्रत्याशियों के नाम हैं. इससे पहले BJP ने सुबह 10 बजे 44 नामों की लिस्ट जारी की थी, जिसे 2 घंटे के अंदर वापस ले लिया था. पुरानी लिस्ट में जम्मू कश्मीर BJP के 3 चर्चित नाम नहीं थे.


अब बदलकर जारी हुई बीजेपी की पहली लिस्ट में किश्तवाड़ से शगुन परिहार को टिकट दिया गया है. जो पूरी लिस्ट में इकलौती महिला प्रत्याशी हैं. इस बार BJP ने कश्मीर के अनंतनाग, पंपोर, शोपियां और अनंतनाग पश्चिम से भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं. अनंतनाग सीट से सैयद वजाहत को टिकट दिया गया है. जबकि पंपोर से सैयद शौकत गयूर अंद्राबी, शोपियां से जावेद अहमद कादरी, राजपोरा से अर्शीद भट्ट, अनंतनाग पश्चिम से रफीक वाणी और बनिहाल से सलीम भट्ट BJP के उम्मीदवार बनाए गए हैं.

सोमवार को ही BJP ने अपनी दूसरी लिस्ट भी जारी की. मतलब बदली हुई लिस्ट जारी करने के बाद एक और लिस्ट. इसमें केवल एक उम्मीदवार का नाम है. इस लिस्ट में कोकरनाग (एसटी) सीट से चौधरी रोशन हुसैन गुज्जर को टिकट दिया गया है.
बीजेपी की वापस ली गई लिस्ट लिस्ट के 44 प्रत्याशियों में से 14 मुस्लिम थे. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र राणा को भी BJP ने नागोटा से उम्मीदवार बनाया था. देवेंद्र राणा नेशनल कांफ्रेंस छोड़कर BJP में शामिल हुए थे.
BJP की वापस ली गई पूरी लिस्ट यहां देखें
Jammu-Kashmir का ये चुनाव क्यों ऐतिहासिक है?जम्मू-कश्मीर का इस बार का विधानसभा चुनाव एक लिहाज़ से ऐतिहासिक है. अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद पहले विधानसभा चुनाव. तीन चरणों में वोट पड़ेगा. 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर. पहले फेज में 24 सीटों पर, दूसरे फेज में 26 सीटों पर और तीसरे फेज में 40 सीटों पर मतदान होगा. गिनती और नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे.
बीते लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर की 5 लोकसभा सीटों में से दो-दो NDA और INDIA के पाले में आई थीं. एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती थी.
Jammu-Kashmir में एक दशक बाद चुनावइससे पहले आखिरी बार 2014 में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव हुए थे. तब BJP और PDP ने गठबंधन करके सरकार बनाई थी. 2018 में गठबंधन टूटने के बाद सरकार गिर गई थी. इसके बाद राज्य में 6 महीने तक राज्यपाल शासन लगा रहा. इसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया.
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इसके बाद 5 अगस्त 2019 को BJP सरकार ने आर्टिकल-370 खत्म करके राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख - में बांट दिया. इस तरह से देखें तो जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनावों का बिगुल बजा है.
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