इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और नॉर्वे ने इजरायली सरकार के दो मंत्रियों पर प्रतिबंध (Israeli Ministers Ban) लगाए हैं. इन देशों का कहना है कि दोनों नेताओं ने लगातार फिलिस्तीन के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दिया है.
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Israel के दो मंत्रियों पर पांच देशों ने बैन लगाया है. इन सभी देशों ने कहा है कि आपकी करतूत ऐसी है, कि आप हमारे यहां नहीं आ सकते. अब इनकी संपत्ति भी इन देशों में जब्त होगी. अमेरिका ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि प्रतिबंध लगाने वाले देशों को ये नहीं भूलना चाहिए कि असली दुश्मन कौन है.


ये प्रतिबंध इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इटमार बेन ग्वीर और वित्त मंत्री बेजेल स्मोट्रिच पर लगाया गया है. दोनों नेता दक्षिणपंथी राजनीतिक दलों का नेतृत्व करते हैं और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गठबंधन वाली सरकार को समर्थन देते हैं.
इजरायली मंत्रियों पर कैसा प्रतिबंध लगा?इंग्लैंड की सरकार के मुताबिक, दोनों नेताओं की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है. साथ ही मंत्रियों की उन संपत्तियों को भी जब्त कर लिया जाएगा जो प्रतिबंध लगाने वाले देशों में हैं.
इन पांचों देशों ने मामले को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है. उन्होंने कहा,
इन दोनों मंत्रियों ने चरमपंथी हिंसा को उकसाया. इसके कारण फिलिस्तीन के लोगों के मानवाधिकारों का गंभीर हनन हुआ. फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापित करने और नई इजरायली बस्तियां बसाने की वकालत की गई. ऐसे बयान खतरनाक हैं. इस मामले पर हमने इजरायली सरकार से गंभीरता से बात की. इसके बावजूद हिंसक अपराध बढ़ रहे हैं और इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
पांच देशों के इस फैसले को सभी पश्चिमी देशों का समर्थन प्राप्त नहीं है. अमेरिका ने इस प्रतिबंध का विरोध किया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए एक्स पर लिखा है,
यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, नॉर्वे, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों ने इजरायली कैबिनेट के दो मौजूदा सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका इसकी निंदा करता है. अमेरिका युद्ध विराम, बंधकों को घर वापस भेजने और युद्ध को खत्म करने के प्रयास कर रहा है. ये प्रतिबंध इन प्रयासों को आगे नहीं बढ़ाते. हमास एक आतंकवादी संगठन है, जिसने अत्याचार किए हैं और निर्दोष लोगों को बंधक बनाकर रखा है. मैं अपने सहयोगियों (प्रतिबंध लगाने वाले देशों) को ये याद दिलाता हूं कि वो ये न भूलें कि असली दुश्मन कौन है. अमेरिका आग्रह करता कि ये प्रतिबंध वापस लिया जाए और सभी इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें.
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इटमार बेन ग्वीर ने अमेरिका के समर्थन के लिए रुबियो को धन्यवाद कहा है. उन्होंने ये भी कहा है कि कुछ पश्चिमी देश उलझन में हैं और आतंकवादी संगठनों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, अमेरिका ऐसे देशों के लिए नैतिक मार्गदर्शक है. ग्वीर ने आगे कहा कि इजरायल डरेगा नहीं और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखेगा.
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