अमेरिकी अख़बार द वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार, 4 फरवरी को अपने एक तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. दुनिया के कई प्रमुख अख़बारों में शुमार द वॉशिंगटन पोस्ट में कुल 800 पत्रकार काम करते थे. कंपनी ने 300 पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया है. बता दें जेफ बेजोस इस अख़बार के मालिक हैं. वो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेज़न के भी मालिक हैं. अमेज़न ने भी बीते कुछ महीनों में करीब 30,000 लोगों को नौकरी से निकाला है. छंटनी में शशि थरूर के बेटे को भी नौकरी से निकाल दिया गया है.
वॉशिंगटन पोस्ट में भूचाल: 800 में से 300 पत्रकार बाहर, शशि थरूर के बेटे की भी गई नौकरी
The Washington Post mass layoff: अमेरिकी अख़बार द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने 300 पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया है. इसमें शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर भी शामिल हैं. कई पत्रकारों ने इस छंटनी के बारे में लिखते हुए इसे 'दुःखद' बताया है.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अख़बार के कार्यकारी संपादक मैट मूरी ने एक मीटिंग के दौरान पत्रकारों को बताया कि कंपनी छंटनी करने जा रही है. इसमें न्यूज़रूम के साथ-साथ कई ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि मेल के ज़रिए उन्हें सूचित किया जाएगा. मेल के सब्जेक्ट लाइन से बता दिया जाएगा कि कंपनी किसे रखने वाली है और किसे नहीं.
रिपोर्ट के मुताबिक़, कार्यकारी संपादक मैट मूरी ने बताया
क्या-क्या बदल जाएगा?ये हमारे भविष्य के लिए ज़रूरी है ताकि हम बिना रुके आगे बढ़ते रहें. कंपनी अभी अपने पुरानी धुरी पर ही चल रही है जब हमारे पैर प्रिंट में मज़बूत थे. अब ज़माना डाल गया है. AI आ चुका है. कम कीमत पर ज़्यादा काम हो सकता है. हम अब तक जो कर रहे थे वो एक तरह के ऑडियंस के लिए कर रहे थे.
इस छंटनी के बाद अख़बार के कई डिपार्टमेंट को नुकसान हुआ है. स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट का मौजूदा स्ट्रक्चर बदला जाएगा, किताबों से जुड़ा सेक्शन बंद कर दिया गया, अंतर्राष्ट्रीय कवरेज के लिए कुछ ही पत्रकार को रखा गया, रिपोर्टरों को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया, ग्राफ़िक्स टीम में स्टाफ 25 से घटाकर 9 कर दिया गया और एडिटिंग टीम में कुछ फेर बदल किए जाएंगे.
एक पत्रकार ने बताया कि द वॉशिंगटन पोस्ट की मिडिल ईस्ट में न्यूज़ कवर कर रही पूरी टीम को बर्ख़ास्त कर दिया गया है. अख़बार के पूर्व पत्रकार ऐश्ले पारकर ने बताया कि ये कंपनी के 145 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है. अख़बार की ओर से मिडिल ईस्ट में काहिरा (cairo) की चीफ क्लेयर पारकर ने अपने पोस्ट में लिखा,
द वॉशिंगटन पोस्ट ने मुझे और मिडिल ईस्ट में काम कर रही पूरी टीम को नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया है. इसके पीछे का लॉजिक समझना हमारे लिए बहुत मुश्किल है. लेकिन मैं अपने सहकर्मियों का आभार व्यक्त करती हूं जो इतने मेहनत और लगन से काम करते हैं.
लिज़ी जॉनसन नाम की पत्रकार ने बताया कि वो अख़बार की तरफ से यूक्रेन में रिपोर्टिंग करने पहुंचीं थीं तभी उन्हें लेऑफ की ख़बर मिली. कई पत्रकारों ने X पर पोस्ट कर इसे दुःखद बताया है. उनका कहना है कि इस तरह अचानक से नौकरी से निकाल देना सही नहीं है. इसी फेहरिस्त में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर का नाम भी शामिल है. उन्होंने अपने X पर लिखा,
कई अंतर्राष्ट्रीय साथियों के साथ मुझे भी वॉशिंगटन पोस्ट ने नौकरी से निकाल दिया है. न्यूज़रूम को देखकर मैं बहुत दुःखी हूं खासतौर पर उन साथियों के लिए जो ग्राउंड पर अकेले रिपोर्ट करने जाते हैं. मैं इस संस्थान से 12 साल से जुड़ा हूं. मैंने बहुत से दोस्त कमाएं हैं. मैंने 2017 में एक कॉलम शुरू किया था. इसके लिए मुझे बहुत प्यार मिला. मैं दर्शकों का धन्यवाद अदा करना चाहता हूं.
बताया जा रहा है कि इस लेऑफ की वजह अमेरिकी सरकार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने लगातार पत्रकारों पर निशाना साधा है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स दावा करती हैं कि अमेरिका में मीडिया की खराब हालत और सरकार के दबाव में आकर ये फैसला लिया गया है. हालांकि अब तक इस पर अख़बार के मालिक जेफ बेजोस का कोई जवाब नहीं आया है.
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