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लेबनान में इजरायली सैनिक ने तोड़ी यीशु मसीह की मूर्ति, IDF ने खुद कबूला

शुरुआत में दावा किया गया कि Jesus Christ की मूर्ति को तोड़ने वाली तस्वीर AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है, लेकिन अब इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने साफ कर दिया है कि तस्वीर में दिख रहा शख्स IDF का एक सैनिक है, जो दक्षिणी Lebanon में तैनात था.

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सोशल मीडिया पर यह तस्वीर खूब वायरल है. (फोटो X/@ytirawi)

रविवार, 19 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई, जिसमें एक इजरायली सैनिक यीशु मसीह (Jesus Christ) की मूर्ति को हथौड़े से तोड़ता हुआ नजर आ रहा है. शुरुआत में दावा किया गया कि यह तस्वीर AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है, लेकिन अब इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने इस तस्वीर की पुष्टि कर दी है. सेना ने फोटो को सच मानते हुए कहा कि इस तस्वीर में दिख रहा शख्स IDF का एक सैनिक है, जो दक्षिणी लेबनान में तैनात था.

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दुनिया भर के ईसाइयों की यीशु मसीह (ईसा मसीह) में बहुत आस्था है. जब उनकी मूर्ति को तोड़ने की घटना ने तूल पकड़ा, तो इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) को जवाब देना पड़ा. जांच का जिम्मा IDF की उत्तरी कमांड को दिया गया. पता चला कि मूर्ति तोड़ने वाला शख्स IDF का ही जवान है. IDF ने आधिकारिक X अकाउंट पर इसकी पुष्टि की. 20 अप्रैल को एक बयान में IDF ने कहा,

“IDF इस घटना को बहुत गंभीरता से लेता है. इस घटना की जांच उत्तरी कमांड कर रहा है. जांच के नतीजों के आधार पर (मूर्ति तोड़ने) इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही, कमांड गांव के लोगों की मदद करके मूर्ति को उसकी जगह पर वापस लाने का काम करेगा.”

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IDF
IDF का आधिकारिक बयान, जिसका हिब्रू से अंग्रेजी में अनुवाद किया गया है. (फोटो: X)

इससे पहले 19 और 20 अप्रैल की दरमियानी रात IDF के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने 'X' पर पोस्ट कर बताया कि अभी इस तस्वीर की जांच चल रही है. उन्होंने लिखा था, 

“अभी IDF जांच कर रही है कि इस फोटो में कितनी सच्चाई है. अगर यह सच में असली और हाल की तस्वीर है, तो ये काम IDF के मूल्यों और IDF सैनिकों से उम्मीद किए जाने वाले व्यवहार से मेल नहीं खाता. घटना की पूरी तरह और गहराई से जांच की जाएगी और अगर जरूरी हुआ, तो जांच के नतीजों के हिसाब से कदम उठाए जाएंगे.”

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IDF के ताजा बयान में यह भी कहा गया कि IDF दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह से निपटने के लिए काम करती है और उसका नागरिक ढांचे को (जिसमें धार्मिक इमारतें या मूर्तियां भी शामिल हैं) नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है.

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यह तस्वीर, इजराइली सरकार और यरुशलम में ईसाई नेताओं के बीच हालिया तनाव के बाद सामने आई है. इजरायल के केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (CBS) के 2024-2025 के नए आंकड़ों के मुताबिक, देश में यहूदियों की संख्या लगभग 72.1 लाख है, जो कुल आबादी का करीब 73% हिस्सा है. जबकि ईसाइयों की संख्या लगभग 1.84 लाख है, जो कुल आबादी का लगभग 1.9% है.

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