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होर्मुज के पास अमेरिका ने कब्जाया ईरानी जहाज, तेहरान ने भी 'बदला' लेना शुरू कर दिया

ईरानी झंडे वाला यह जहाज चीन से आ रहा था और 'Strait of Hormuz' के पास से गुजर रहा था. तभी अमेरिकी नौसेना ने इसे अपने कब्जे में ले लिया. जहाज जब्त होने के बाद Iran ने भी अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले करने शुरू कर दिए.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज जब्त होने के बाद ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन हमले किए. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

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  • ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य जहाजों पर ड्रोन हमले किए, जो अमेरिकी कब्जे के जवाब में तस्नीम समाचार एजेंसी द्वारा रिपोर्ट किया गया।
  • अमेरिका ने 19 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी झंडे वाले एक जहाज को जब्त किया था, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती और सीजफायर उल्लंघन बताया।
  • हमलों के बाद ईरान ने अमेरिकी सेना को जवाब देने की चेतावनी दी, जबकि अमेरिका ने जहाज कब्जे की पुष्टि करते हुए उसकी जांच करने की योजना बनाई।

ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए हैं. ईरान सरकार से जुड़ी समाचार एजेंसी तस्नीम ने यह दावा किया. ये हमले ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जे के जवाब में किए गए. अमेरिका ने रविवार, 19 अप्रैल को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर ‘ब्लॉकेड’ के तहत ईरान के झंडे वाले एक जहाज को जब्त कर लिया था. यह जहाज होर्मुज के पास से गुजर रहा था और तेहरान के एक बंदरगाह में घुसने की कोशिश कर रहा था. 

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हालांकि, तस्नीम की रिपोर्ट में हमले की इंटेंसिटी, तैनात किए गए ड्रोन की संख्या या अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान हुआ या नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. इससे पहले ईरान की मिलिट्री कमांड 'खातम अल-अंबिया' के एक प्रवक्ता ने बताया था कि जहाज चीन से ईरान आ रहा था, तभी यूएस नेवी ने उसे रोक लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका पर सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.  

प्रवक्ता ने इसे 'हथियारों के दम पर की गई समुद्री डकैती' बताया. उन्होंने कहा कि तेहरान इस घटना पर चुप नहीं बैठेगा और वॉशिंगटन को इसका करारा जवाब मिलेगा. यूएस नेवी के हमले से पहले ईरानी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा था, 

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"अमेरिका ने सीजफायर तोड़कर ओमान की खाड़ी में ईरान के एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया. उसने उस पर फायरिंग की और जहाज के डेक पर अपने कई आतंकवादी मरीन तैनात करके उसका नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिया. हम चेतावनी देते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना जल्द ही अमेरिकी सेना की इस हथियारबंद डकैती का जवाब देगी."

19 और 20 अप्रैल की दरमियानी रात अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट की. इस पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है. उन्होंने बताया कि इस जहाज ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से गुजरने की कोशिश की थी. ट्रंप ने पोस्ट में लिखा,

"आज, ईरान के झंडे वाले 'टौस्का' नाम के एक कार्गो (मालवाहक) जहाज ने हमारी नेवी की नाकाबंदी को पार करने की कोशिश की और इसका नतीजा उनके लिए अच्छा नहीं रहा. जहाज पूरी तरह से हमारी हिरासत में है और हम यह देख रहे हैं कि जहाज पर क्या-क्या मौजूद है!" 

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Iranian ship seized
(फोटो: ट्रुथ सोशल)

उन्होंने यह दावा भी किया कि जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों ने उसे रोक लिया. हालांकि, ईरान ने शुरू में ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया था. ईरान की सरकार जुड़ी एक अन्य समाचार एजेंसी 'मेहर' के एक बयान के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना इकाइयों ने जहाज पर अमेरिकी हमले को रोक दिया और अमेरिकी सेना को उस इलाके से भागने पर मजबूर कर दिया.

हालांकि, जब यूएस सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी में जहाज को जब्त करने की पुष्टि की, तो ईरान भी अपने दावों से पीछे हट गया. अमेरिकी सेना ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें दिखाया गया कि नेवी ने कमर्शियल जहाज को कैसे पकड़ा.

वीडियो: ट्रंप की बड़ी धमकी, ईरान फिर भी बेअसर, क्या पाकिस्तान मध्यस्थता करवा पाएगा?

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