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ब्रिज, अस्पताल, स्टील प्लांट किसी को अब नहीं बख्श रहा अमेरिका, फोटो में दिखी ईरान की तबाही

American-Iran War: अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सैन्य ठिकाने, न्यूक्लियर साइट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया. लेकिन अब ये फोकस शिफ्ट होकर सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर आ गया है. इनमें ब्रिज, अस्पताल, मेडिकल लैब और स्टील प्लांट शामिल हैं.

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जंग में ईरान की तबाही की एक झलक. (फोटो- X- @HKermanpour/@arzakani4)

पश्चिम एशिया की जंग को एक महीने से ज़्यादा का समय हो गया है. इस दौरान अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सैन्य ठिकाने, न्यूक्लियर साइट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया. लेकिन अब ये फोकस शिफ्ट होकर सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर आ गया है. इसे ही जंग का नया फेज बताया जा रहा है. नए फेज में ईरान के कई रिहायशी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. इनमें ब्रिज, अस्पताल, मेडिकल लैब और स्टील प्लांट शामिल हैं. ईरान ने भी अमेरिकी IT कंपनियों पर हमला करना शुरू कर दिया है.

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जेनेवा कन्वेंशन (1949) के मुताबिक, किसी जंग में सिविलियन टार्गेट्स पर हमले को वॉर क्राइम माना जाता है. लेकिन जंग नियमों के मुताबिक़ कहां होती है? खैर, ईरान ने अपनी तबाही का मंज़र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. जंग कितनी घातक हो सकती है, इसका अंदाज़ा आप तस्वीरें देखकर खुद लगा सकते हैं.

IRAN
हमले के बाद तेहरान में उठता धुआं. (फोटो- Getty)

गुरुवार, 2 अप्रैल को हवाई हमले में ईरान के सबसे ऊंचे पुल को निशाना बनाया गया. यह ‘B1’ ब्रिज ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ता है. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. 

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BRIDGE
बी1 ब्रिज को हवाई हमले में निशाना बनाया गया. (फोटो- X- @arzakani4)

ईरान के स्वास्थ्य मंत्री होसैन केरमनपुर ने पोस्ट कर बताया कि हमले में पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ़ ईरान को तबाह कर दिया गया. ये तेहरान में एक मेडिकल रिसर्च सेंटर है, जिसकी स्थापना 1920 में हुई थी. उन्होंने इसे 'अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा' पर चोट बताया है.

HOSPITAL
तेहरान में स्थित मेडिकल रिसर्च सेंटर पर अटैक. (फोटो- X- @HKermanpour)

तेहरान में स्थित मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हुए अटैक के बाद ईरान ने वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (WHO) और इंटरनेशनल कमिटी ऑफ़ रेड क्रॉस (ICRC) से एक्शन लेने की अपील की है. 

HOSPITAL DAMAGE
रिसर्च सेंटर पर हुए हमले से संस्थान को काफी नुकसान पहुंचा. (फोटो- X- @HKermanpour)

होसैन केरमनपुर ने दूसरे पोस्ट में बताया कि इजरायल-अमेरिका हमले में एक दवाई की फैक्ट्री 'तौफ़ीक़ दोरो' को भी निशाना बनाया गया. 

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PHARMACEUTICAL
फार्मास्यूटिकल फैक्ट्री पर हुआ हमला. (फोटो- X- @HKermanpour)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में 100 से ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक पत्र जारी किया. इसमें बताया कि अमेरिकी सेनाओं के एक्शन और अधिकारियों के बयान अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करते हैं. 

वीडियो: राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा? सब जानिए

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