ईरान-अमेरिका को लेकर 36 से 72 घंटों में एक अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है. न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया है कि अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत को लेकर जल्द ही अच्छी खबर आएगी. इस रिपोर्ट में सोर्सेज के हवाले से जानकारी दी गई है कि दोनों पक्षों में दूसरे दौर की बातचीत को लेकर पॉजिटिव आसार दिख रहे हैं. अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस बात पर हामी भरी है. न्यूयॉर्क पोस्ट ने जब उनसे इस बारे में पूछा तो ट्रंप ने टेक्सट मैसेज कर जवाब दिया कि हां ये मुमकिन है.
'अगले 72 घंटों के अंदर... ', Iran-US को लेकर आया बड़ा अपडेट
एक पाकिस्तानी सोर्स ने बताया कि ईरान के साथ लगातार बातचीत जारी है. जंग कब खत्म होगी? ये इसी बातचीत के बेसिस पर तय किया जाएगा. दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तनाव के बावजूद सीजफायर जारी है, जो एक पॉजिटिव रुख को दिखा रहा है.


इससे पहले 22 अप्रैल को ट्रंप ने सीजफायर की डेडलाइन आगे बढ़ाने का फैसला किया था. इसके कुछ ही घंटों बाद, एक पाकिस्तानी सोर्स ने बताया कि ईरान के साथ लगातार बातचीत जारी है. जंग कब खत्म होगी? ये इसी बातचीत के बेसिस पर तय किया जाएगा. दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तनाव के बावजूद सीजफायर जारी है, जो एक पॉजिटिव रुख को दिखा रहा है. फिलहाल किसी भी तरफ से कोई हमला नहीं हुआ है. इस पूरे मामले में पाकिस्तान अभी भी मेन मीडिएटर बना हुआ है.
Iran के Leaders ने Ceasefire पर क्या कहा?ईरान की संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने सीजफायर के मुद्दे पर अपनी राय रखी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पूरी तरह से सीजफायर तभी मुमकिन है जब समुद्र में रास्ता रोकना और दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरे में डालना बंद किया जाए. जाहिर है कि उनका इशारा अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड की तरफ था. इसके अलावा उन्होंने इजरायल पर युद्ध को और भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा,
‘इजरायल की तरफ से जो युद्ध भड़काने वाली कोशिशें हो रही हैं, उन पर लगाम लगनी चाहिए. जब तक इस तरह से युद्धविराम के नियमों को तोड़ा जाएगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना नामुमकिन है. वो हमले के जरिए अपना मकसद पूरा नहीं कर पाए और न ही वे डरा-धमकाकर ऐसा कर पाएंगे. अब आगे बढ़ने का सिर्फ एक ही रास्ता है. ईरान के हक और अधिकारों को पहचानना और उनका सम्मान करना.’

पहले दौर की बातचीच में अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे थे. दूसरे दौर की बातचीत को लेकर वो इस्लामाबाद कब जाएंगे इस पर कोई क्लैरिटी नहीं आई है. ईरान ने सीजफायर की डेडलाइन बढ़ने की बात को कंफर्म किया है, लेकिन वो दूसरे दौर की बातचीत में हिस्सा लेगा या नहीं, ये साफ नहीं है. एक तरफ डील पर बातचीत जारी है. दूसरी तरफ अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है. इस पूरे इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी इतनी अधिक है कि एक्सपर्ट्स इसे 2003 में हुए इराक हमले के बाद अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा जमावड़ा बता रहे हैं. कहा जा रहा है कि अभी भी कई Military Resources वेस्ट एशिया के इलाके में पहुंचने वाले हैं.
वीडियो: दुनियादारी: ईरान के पाकिस्तान न पहुंचने पर ट्रंप की धमकी फुस्स हो गई?






















