ईरान: राजधानी तेहरान से उड़ते ही यूक्रेन का प्लेन क्रैश हुआ, कोई नहीं बचा
ईरान ने माना, गलती से यूक्रेन के विमान पर मिसाइल दागी जिसमें 176 लोग मारे गए
ईरान पहले विमान क्रैश होने के पीछे तकनीकी खराबी की बात कर रहा था.
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ईरान ने मान लिया कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था. (फाइल फोटो-पीटीआई)
ईरान ने 11 जनवरी को मान लिया कि उसकी सेना ने गलती से यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था. ईरान ने इसे मानवीय भूल (ह्यूमन एरर) बताया है. ईरान की सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विमान अप्रत्याशित रूप से एक संवेदनशील सैन्य अड्डे की ओर मुड़ गया था. बता दें कि 8 जनवरी की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में Ukraine International Airlines Flight 752 प्लेन क्रैश हो गया था. इसमें सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफ़गानिस्तान के चार, जर्मनी और ब्रिटेन के तीन-तीन लोग शामिल थे. अमेरिका और कनाडा ने पहले ही आरोप लगाया था कि इस बात कि बहुत संभावना है कि ईरान की मिसाइल ने ग़लती से यूक्रेन के प्लेन Flight752 को मार गिराया होगा. हालांकि ईरान ने पहले इससे इनकार कर दिया था. लेकिन 11 जनवरी को ईरान की सेना ने बयान में कहा, गंभीर हालातों के बीच (अमेरिका द्वारा हुए हमले) बोइंग फ्लाइट 752 मिलिटरी एरिया की तरफ मुड़ा था. उसकी ऊंचाई और ऐंगल देखकर उसे दुश्मन का विमान समझ लिया गया. सेना ने इसे मानवीय भूल बताया जिसमें अनजाने में विमान को गिरा दिया गया. ईरान के इस्लामिक रेवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारी के दावा किया है कि इस मामले में दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा होगी. वहीं ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने भी ट्वीट किया, 'दुखी करनेवाला दिन. आर्मी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमेरिका के हमले के वक्त मानवीय भूल की वजह से हादसा हुआ.' उड़ान भरने के बाद विमान Iranian Revolutionary Guard Corps base की तरह आना लगी. इस हालात में मानवीय भूल की वजह से प्लेन मिसाइल का निशाना बना.
ईरान का दावा है कि फ्लाइट मिलिटरी साइट के पास से गुजर रहा था, लेकिन ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि फ्लाइट के रास्ते में ऐसा कुछ था ही नहीं. ब्लूमबर्ग ने गूगल के हवाले से रिपोर्ट दी है कि सैटलाइट फोटोज में विमान के रास्ते के आसपास कोई मिलिटरी बेस नहीं दिख रहा. जहां विमान से संपर्क टूटा वहां एक पॉवर प्लांट और इंडस्ट्रियल पार्क है. इसके अलावा काफी इलाका खाली पड़ा हुआ है. फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस फ्लाइटरडार 24 के मुताबिक, प्लेन अपने तय रास्ते पर बढ़ रहा था. 8 जनवरी को जिस दिन ये विमान हादसा हुआ, उसी दिन ईरान ने अमेरिकी फ़ौज को निशाने बनाते हुए दो इराकी मिलिटरी एयरबेस पर मिसाइलें दागी थीं. 3 जनवरी को बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट के बाहर ईरान की कुद्स फोर्स के चीफ मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी को अमेरिका ने मार डाला था. इसी का बदला लेने की जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने 8 जनवरी को मिसाइल अटैक किया. कहा जा रहा था कि इन्हीं मिसाइलों में से एक मिसाइल तेहरान से उड़कर यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहे Flight752 लगा और उसकी वजह से प्लेन क्रैश हुआ. ऐसा कैसे हुआ होगा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी ख़ुफिया एजेंसियों ने पहले ही कहा था कि ईरानी ‘एयर डिफेंस सिस्टम’ ने ज़मीन से हवा में वार करने वाले दो मिसाइल छोड़े Flight752 पर. ये रूस का बनाया सिस्टम है. मॉस्को ने 2005 में तेहरान को ये बेचा था. दावा है कि इसी Tor सिस्टम से मिसाइल दागे गए. ये Tor सिस्टम मध्यम से लेकर नीचे की ऊंचाई पर काम करने के लिए बना है. ये एयरक्राफ्ट के अलावा मिसाइल जैसी चीजें भी खोज लेता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इराकी ठिकानों पर की जा रही अपनी कार्रवाई के बीच ईरान को अंदेशा होगा. कि शायद अमेरिका उसपर जवाबी हमला करे. ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए इस Tor सिस्टम को तैनात किया गया होगा. इस तरह के एक सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए तीन से चार लोग लगते हैं. उनका काम होता है रेडार पर आसपास दिख रहे विमानों को ट्रैक करना. कौन सा दुश्मन विमान है और कौन सा नहीं, इसकी पहचान में ग़लती हो सकती है. Flight752 के साथ शायद यही ग़लती हुई और सिस्टम ने उसपर मिसाइल छोड़ दिए. जिसे अब ईरान मानवीय भूल बता रहा है.
ईरान: राजधानी तेहरान से उड़ते ही यूक्रेन का प्लेन क्रैश हुआ, कोई नहीं बचा
ईरान: राजधानी तेहरान से उड़ते ही यूक्रेन का प्लेन क्रैश हुआ, कोई नहीं बचा
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