The Lallantop

ट्रंप-नेतन्याहू की सीक्रेट मीटिंग के बाद ईरान का अटैक, अमेरिकी बेस पर अंधाधुंध मिसाइलें दागीं

US-Iran fresh Strikes: IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया. ये दावा अमेरिकी सेंट्रल कमांड का है. उधर, प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है.

Advertisement
post-main-image
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • अमेरिका ने 24 जुलाई को ईरान पर हमले रोक दिए, लेकिन 28 जुलाई को ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसे अमेरिका ने हवा में इंटरसेप्ट कर रोक दिया।
  • अमेरिकी सैन्य कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रंप को सलाह दी थी कि ईरान के खिलाफ अभियान के लक्ष्यों की पूर्ति हो चुकी है और बची हुई साइटों पर हमले कम हो चुके हैं, इसलिए हमले रोकने का निर्णय लिया गया।
  • ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू की मुलाकात के बाद ईरान पर हमले की संभावनाओं और कूटनीतिक बातचीत पर चर्चा हुई, जिसमें ईरान को न्यूक्लियर देश बनने से रोकने पर जोर दिया गया।

पश्चिम एशिया में मिसाइलों और बमों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा. कभी अमेरिका तो कभी ईरान. दोनों एक से बढ़कर एक. 24 जुलाई को अमेरिका ने हमले पर रोक लगाई थी. मगर 28 जुलाई को ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि IRGC ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. उन्होंने इसे ‘सरप्राइज अटैक’ बताया है. 

Advertisement

CENTCOM ने X पर पोस्ट कर बताया कि सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट (हवा में नष्ट) कर ली गईं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है. पोस्ट में दावा किया गया कि IRGC ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है. लेकिन अमेरिकी मिलिट्री पूरी तरह तैनात है.

Advertisement
अमेरिका ने हमला क्यों रोका?

अमेरिका ने लगातार 13 रातें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी मिलिट्री कमांडर ने प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप को सलाह दी कि हमले के ज़रिए जो अमेरिका हासिल करना चाहता था, वो पूरा हो चुका है. साथ ही ईरान की जिन साइट्स पर हमला किया जा सकता है, वो भी अब कम हो गई हैं. ये सलाह मानते हुए ट्रंप ने हमले रोक दिए.

प्रेसिडेंट ट्रंप ने एक्सिओस को बताया कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत ‘बहुत अच्छी’ चल रही है. साथ ही एक चेतावनी भी दी. कहा कि अगर ये बातचीत सफल नहीं रही तो वो फिर से उस प्लान पर लौट जाएंगे, जहां वो दो दिन पहले थे. माने ईरान पर फिर से हमले किए जाएंगे. इसी महीने जॉर्डन में एक ईरानी हमले में दो अमेरिकी अधिकारियों की मौत हो गई थी. 

CENTCOM ने ईरान को चेताया है कि IRGC या उसके किसी प्रॉक्सी गुट ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाया तो फिर से हमले शुरू किए जाएंगे. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: ईरान पर सबसे बड़े अटैक का फैसला हुआ, फिर इस वजह से ट्रंप ने सारे अटैक रुकवा दिए

ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात क्यों?

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेसिडेंट ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से वाइट हाउस में मुलाकात की. ये ईरानी हमला इसी मीटिंग के कुछ घंटों बाद हुआ. उधर, बैठक में दोनों ने फिर वही राग अलापा- ‘ईरान को न्यूक्लियर संपन्न देश नहीं बनने देना है.’

मीटिंग करीब डेढ़ घंटे तक चली. वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने बताया कि मीटिंग में ईरान पर खूब चर्चा हुई. इस बातचीत को दोनों पक्षों ने ‘प्रोडक्टिव’ बताया है.  

वीडियो: अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों रोके, क्या पैट्रियट मिसाइलों की कमी बन रही है वजह?

Advertisement