अमेरिका की ईरान को दी हुई डेडलाइन ख़त्म हो चुकी है. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि अगर डील नहीं हुई तो केवल 4 घंटे में ईरान को तबाह कर देंगे. ईरान ने भी लड़ने की तैयारी कर ली है. लेकिन इस बार एक प्रतीकात्मक लड़ाई चुनी है. जहां ईरान के युवा एक साथ आएंगे और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को घेरते हुए ‘ह्यूमन चेन’ बनाएंगे (Human Chains formation). इससे ईरान संदेश पहुंचाना चाहता है कि ये एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर इन युवाओं के भविष्य के लिए कितने अहम हैं.
पावर प्लांट्स पर ह्यूमन चेन बनाएगा ईरान, ट्रंप की धमकी से निपटने का तरीका ढूंढ लिया?
Iran on Trump Warning: ट्रंप ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करने वाले हैं. ईरान ने भी लड़ने की तैयारी कर ली है. लेकिन इस बार एक प्रतीकात्मक लड़ाई चुनी है. जहां ईरान के युवा एक साथ आएंगे और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को घेरते हुए 'ह्यूमन चेन' बनाएंगे.


ईरान के खेल और युवा मंत्री अलिरेजा रहीमी ने एक वीडियो मैसेज के ज़रिए युवाओं से एक जुट होने की अपील की है. उन्होंने युवा, छात्र, कलाकार और एथलिट सबसे मंगलवार, दोपहर 2 बजे कुछ ज़रूरी पावर प्लांट्स के पास इकट्ठा होने को कहा है. उनका कहना है कि युवा सांकेतिक रूप से ईरान की ढाल बन सकते हैं. उन्होंने कहा,
‘ऐसा करने के लिए खुद युवाओं ने मुझसे कहा है. कई विश्वविद्यालयों, युवा कलाकारों और युवा संगठन ने कहा कि वो ईरान की धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा करना चाहते हैं. इसी सुझाव को ध्यान में रखते हुए ये अपील की जा रही है.’
अलिरेजा रहीमी ने कहा कि इससे दुनिया को एक मैसेज जाएगा. मैसेज ये कि देश को बचाने और उज्जवल भविष्य के लिए युवाओं को ही आगे आना होता है.
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डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को डील करने के लिए 10 दिन का समय दिया था. ये समय 6 अप्रैल को ख़त्म हो चुका है. लेकिन इसके पूरा होने से पहले ही ट्रंप कई बार ईरान को धमका चुके हैं. एक पोस्ट में गाली-गलौज पर भी उतर आए. अपनी धमकी में साफ कहा है कि ईरान के हर एक पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे और केवल एक रात में पूरे देश को नष्ट कर देंगे. यहां तक की हमले की टाइमिंग भी बता दी. ट्रंप ये सब स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुलवाने के लिए कर रहे हैं.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, ट्रंप का ये बयान ईरान के रिजेक्शन के बाद आया है. ईरान ने अमेरिकी प्रपोजल रिजेक्ट कर अपना 10 पॉइंट का प्रपोजल भेजा. काइरो में डिप्लोमैटिक मिशन के हेड मोजतबा फिरदौसी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उन्हें ट्रंप प्रशासन पर भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि पीस डील तभी होगी जब ये सुनिश्चित हो कि फिर कभी ईरान पर हमला नहीं होगा. खबर है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी भी चल रही है.
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