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ये दो मैच और उनके रिजल्ट देखकर बेन स्टोक्स को कोई कप्तान आखिरी ओवर नहीं देगा

आखिरी ओवर का रायता नहीं संभाल पाते हैं बेन स्टोक्स.

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2019 और 2016 के ये दो आखिरी ओवर हैं जहां बेन स्टोक्स बिखर गए.
चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल के 25वें मैच में एक बाद तो साबित हो गई. वो ये कि इंग्लैंड के बेन स्कोट्स बहुत अच्छे बॉलर हैं मगर आखिरी ओवर में वो सब गुड़ गोबर कर देते हैं. अब आईपीएल समेत इंग्लैंड के कप्तान भी इस खिलाड़ी को निर्णायक ओवर फेंकने के लिए नहीं भेजने वाले हैं. ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ऐसा एक बार नहीं, दो बार हो चुका है जब स्टोक्स का ओवर पिट गया और सामने वाली टीम मैच जीत गई. पहला मौका तब आया जब इंडिया में साल 2016 में वर्ल्ड टी20 चल रहा था. फाइनल मैच था. इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच. कोलकाता का ईडन गार्डन्स मैदान. आखिरी ओवर में वेस्टइंडीज को 19 रन चाहिए थे. बेन स्टोक्स के हाथ में गेंद थी. उनकी फेंकी अगली चार गेंदें इतिहास में दर्ज होने वाली थी. सामने स्ट्राइक पर कार्लोस ब्रेथवेट थे. पहली गेंद पर छक्का लगा. दूसरी पर भी छक्का लगा. तीसरी पर भी छक्का और चौथी पर भी छक्का. यानी चार गेंदों पर चार छक्के लगे और 24 रन बन गए. जीत के लिए 19 ही चाहिए थे.  बेन स्टोक्स निराश होकर मैदान पर बैठ गए थे और दूसरी तरफ ब्रेथवेट हीरो बन गए थे. वीडियो देखिए- दूसरा मौका आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ मैच में आया. जयपुर का मैदान और आखिरी ओवर फिर से स्टोक्स को दिया गया. सामने जडेजा और धोनी थे. 6 गेंद में 18 रन बचाने थे. पहली गेंद पर रवींद्र जडेजा ने छक्का जड़ दिया. दूसरी नो बॉल हो गई. फिर दो डबल भाग लिया. तीसरी गेंद पर धोनी बोल्ड हुए और अगली गेंद पर दो रन आए. धोनी समेत चेन्नई के बल्लेबाजों ने इस गेंद को नो बॉल बताया मगर अंपायर ने नहीं दी. पांचवी गेंद पर फिर दो रन आए और आखिरी वाइ़ड हो गई. फिर आखिरी गेंद फेंकी जो छक्के के लिए चली गई.   कुल मिलाकर कहने का मतलब ये कि चाहे बेन स्टोक्स कितने भी टैलंटेड क्रिकेटर हों, मगर वो आखिरी ओवर का प्रेशर संभाल नहीं पाते हैं. इंडिया में तो कम से कम ये बात साबित हो ही गई है.
लल्लनटॉप वीडियो देखिए-

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