एक शख़्स ने सोशल मीडिया (Social Media) पर फ़ोटो पोस्ट करते हुए ट्रेन की समस्या के बारे में जानकारी दी. उसने बताया कि उसकी बहन को चलती ट्रेन से उतरना पड़ा, क्योंकि उसका बच्चा स्टेशन पर ही छूट गया था. इतनी भीड़ थी कि उसकी बहन को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा और ट्रेन में चढ़ना मुश्किल हो गया. वो अंदर चढ़ तो पाई, लेकिन उसका बच्चा स्टेशन पर ही रह गया. उसने लिखा कि ये सब थर्ड AC कोच में हुआ. इस पोस्ट में उसने रेली मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) और रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) को भी टैग किया है.
"बेटे के लिए चलती ट्रेन से कूदना पड़ा..."- अश्विनी वैष्णव से की शिकायत, पोस्ट वायरल!
शख़्स ने Social Media पर Photo पोस्ट कर बताया कि ये हालत 3 AC कोच की है. इसमें 72 लोगों के कोच में 500 लोग खचाखच भरे हैं.


रचित जैन नाम के यूज़र ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर ये पोस्ट किया है. उसने एंट्री गेट की तस्वीर भी शेयर की. अब उसका ये पोस्ट वायरल हो रहा है. लोग उसके पोस्ट पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं. रचित जैन ने लिखा,
"अपने बच्चे को वापस लाने के लिए मेरी बहन को ट्रेन से उतरना पड़ा. उसके पास इसके अलावा कोई रास्ता ही नहीं था. इसकी वजह से उसे कई चोटें आईं. ये चिंता की बात है. आरामदायक सफर के लिए पैसे देने वाले यात्रियों को ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच होना भी शामिल है."
रचित ने आगे लिखा,
"बिना टिकट वाले अनाधिकृत यात्री भी ट्रेन के भीतर हैं, जिससे स्थिति बिगड़ी. ऐसी स्थिति को तुरंत हल करने के लिए कृपया रेलवे पुलिस या टिकट चेकर की व्यवस्था की जाए. यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए तत्काल कार्रवाई ज़रूरी है."
13 अप्रैल को ये पोस्ट शेयर किया गया था. इसके बाद इसी पोस्ट के थ्रेड में रचित ने कई और पोस्ट किये. इनमें उन्होंने रेलवे की कई और समस्याओं की तरफ ध्यान दिलाया. ऐसे ही एक पोस्ट में लिखा,
"रेलवे ने मुरादाबाद स्टेशन पर सहायता का वादा किया. इसके बावजूद 72 लोगों के लिए बने कोच में 500 से ज़्यादा यात्री फंसे रहे. इससे टॉयलेट तक पहुंच नहीं होने के साथ-साथ तत्काल चिकित्सा सहायता की ज़रूरत वाले घायल लोगों के लिए अभी तक कोई हल नहीं निकला है."
इसके बाद रचित ने एक और पोस्ट के जरिए टॉयलेट की समस्या का ज़िक्र किया. रचिन ने लिखा,
"कोच के खचाखच भरे होने से टॉयलेट तक जाना असंभव हो गया. इससे एक महिला यात्री ने 4 घंटे से इसका इस्तेमाल नहीं किया. उन्हें परेशानी हो रही है. टॉयलेट की सफाई और सबकी सुविधा के लिए रास्ता निकालने की ज़रूरत है."
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पोस्ट पर कई और लोग अपनी समस्याएं गिना रहे हैं. ऐसे ही एक यूज़र ने पोस्ट के कमेंट बॉक्स में लिखा,
"पिछले महीने, मुझे भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा था. किसी भी रेलवे अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. आखिरी स्टॉप तक ट्रेन में TTE नहीं मिला था."
"रेलवे ने इस चीज़ को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है. AC और स्लीपर कोचों में अनारक्षित लोगों की भीड़भाड़ की कई शिकायतें हैं."
ख़बर लिखे जाने तक इस पोस्ट को 9 लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि साढ़े 6 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने इसे लाइक किया है.
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