भारतीय सेना चीन के खिलाफ अलग-अलग मोर्चों पर तैयारी कर रही है. फिर वो अत्याधुनिक हथियार हों या फिर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना. इसी कड़ी में सेना ने सैनिकों को चाइनीज भाषा यानी मैंडरिन सिखाने का फैसला किया है. उसके मुताबिक मैंडरिन सीख लेने से भारतीय सैनिक चीनी सैनिकों की रणनीति को अच्छे से समझ पाएंगे और जवाबी कार्रवाई कर पाएंगे.
अब चीनी सैनिकों ने सीमा पर पंगा लिया तो भारतीय सैनिक उन्हें चाइनीज में हड़का देंगे
भारतीय सेना ने चाइनीज भाषा में मामला सेट कर दिया है.


इन बातों को ध्यान में रखते हुए बुधवार, 19 अप्रैल को भारतीय सेना और असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी के बीच एक एमओयू साइन किया गया. मकसद है भारतीय सेना के जवानों को चीनी भाषा सिखाना. 16 हफ्तों की ड्यूरेशन वाला यह कोर्स यूनिवर्सिटी में संचालित होगा. तेजपुर यूनिवर्सिटी चीनी सहित अन्य विदेशी भाषाओं की पढ़ाई के लिए खास जगह मानी जाती है.
इस कोर्स के जरिए सेना के जवान चीनी भाषा मैंडरिन को अच्छे से समझ और बोल सकते हैं. कोर्स की मदद से चीनी सैनिकों से स्थिति को ध्यान में रखते हुए बातचीत करने में भी आसानी होगी. सेना का मानना है कि इससे सैनिक ना सिर्फ चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के नजरिए को समझेंगे, बल्कि कमांडर लेवल की बातचीत, फ्लैग मीटिंग्स, जॉइंट एक्सरसाइज, सीमा पर तैनात जवानों के साथ बैठक आदि में रखी जाने वाली बातों को गहराई से जानने और उस पर सटीक जवाब देने में बहुत मदद मिलेगी.
सैनिकों की चाइनीज सिखाने का ये फैसला गृह मंत्री अमित शाह के अरुणाचल दौरे के बाद लिया गया है. पिछले दिनों एक खबर आई थी कि चीन ने अरुणाचल के 11 स्थानों का नाम बदल दिया. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अरुणाचल प्रदेश पहुंचे. इस दौरान अमित शाह ने कहा था कि भारत की जमीन को हथियाने का जमाना अब चला गया है. उन्होंने यह भी कहा था कि सुई की नोक जितनी जमीन भी कोई नहीं ले सकता.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वान्ग वेनबिन ने इस दौरे को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए भारत को धमकी दी थी कि यह दौरा शांति के लिए खतरा हो सकता है. सीमा पर दोनों ही देशों की मौजूदा स्थिति में खलल पैदा कर सकता है. इस पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आरिंदम बागची ने कहा था कि हम चीन की ओर से की गई टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करते हैं.
वीडियो: अरुणाचल जाकर अमित शाह ने ऐसा क्या कह दिया कि चीन को मिर्ची लग गई!






















