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इस तस्वीर में दिख रहे सभी आतंकी 72 हूरों के पास भेजे जा चुके हैं

10 को पहले गिरा चुके थे, बचे अहमद शाह को सेना ने 14 अक्टूबर को मार गिराया.

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सेना बुरहान वानी के सभी 10 साथियों के खत्म कर चुकी है.
2015 में 11 आतंकियों की एक तस्वीर वायरल हुई थी. उसमें हिज़्बुल कमांडर बुरहान वानी के साथ उसके 10 साथी थे. कहते हैं इस तस्वीर ने कश्मीर में नए लड़कों को आतंक की राह पर जाने के लिए मोटिवेशन दिया था. मगर अब ये तस्वीर ही आतंकी बनने जा रहे लौंडों को डराएगी. काहे से इस तस्वीर को सेना ने दिल पर ले लिया था. और अब इसमें दिख रहे 11 के 11 आतंकियों को सेना गिरा चुकी है. कोई नहीं बचा है. तस्वीर में अब सब कुछ इतिहास है.
सेना 9 को तो पहले ही निपटा चुकी थी. ताजा और आखिरी शिकार वसीम अहमद शाह का है. 14 अक्टूबर को पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया है. वसीम तस्वीर में दिख रहा 10वां आतंकी था जिसे 72 हूरों के पास डिलीवर किया गया है. 11वां आतंकी है तारिक़ पंडित जो सरेंडर कर चुका है और फिलहाल जेल में चक्की पीसिंग ऐंड पीसिंग...
वसीम अहमद को सेना ने एक मुठभेड़ में इसी जगह मार गिराया है.
वसीम अहमद को सेना ने एक मुठभेड़ में इसी जगह मार गिराया है.

बुरहान वानी से शुरू हुआ था हंट
तस्वीर में दिख रहे 7 आतंकियों को तो सेना ने एक बार में ही ठिकाने लगा दिया था. बात जुलाई 2016 की है. तब ही इनके कमांडर बुरहान वानी को सेना ने मार गिराया था. बुरहान को आतंकी संगठन पोस्टर बॉय के तौर पर इस्तेमाल करते थे, मगर सेना ने अब पूरा पोस्टर ही साफ कर दिया है. बुरहान वानी के बाद उसके वारिस बने सबज़ार भट्ट को सेना ने मई 2017 में मार गिराया था. बताते हैं आखिर में बचा वसीम शाह बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिज़्बुल मुजाहिदीन छोड़कर लश्कर ए तोयबा में शामिल हो गया था. वो फिलहाल शोपियन ज़िले का लश्कर कमांडर था.
पहली बार आई थी ऐसी फोटो
कश्मीर आतंकवाद से दशकों से परेशान है. मगर हथियारों से लैस 11 आतंकियों के एक साथ बैठे इस तरह की तस्वीर पहली बार आई थी. इसे एक तरह से भारतीय सुरक्षाबलों को चैलेंज की तरह देखा गया था. पर उन्हें क्या पता था सेना ये चैलेंज एक्सेप्ट ही कर लेगी. नतीजा सबके सामने है. तस्वीर अब इतिहास है.
सेना पिछले दिनों कई आतंकी कमांडरों को निपटा चुकी है.
सेना पिछले दिनों कई आतंकी कमांडरों को निपटा चुकी है.

कमांडरों को चुन-चुनकर मार रही सेना
सेना इसके साथ ही आतंकी गुटों के सरगनाओं को एक-एक करके निपटाने में लगी है. शुरुआत 2016 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी से हुई थी. उसकी जगह दूसरा कमांडर आया सबजार भट्ट. सेना ने उसे खत्म करने में भी देर नहीं की. इसी तरह लश्कर के दो कमांडरों को सेना बैक टू बैक निपटा चुकी है. पहले अबू दुजाना और हाल ही में शिकार बना है उसकी जगह लेने वाला अबू इस्माइल. सेना के इस ऑपरेशन से इन आतंकी संगठनों की चूलें हिल गई हैं. बड़ी बात नहीं कि कुछ दिन में आतंकी कमांडर बनने से डरने लगें. सेना इस साल करीब 58 आतंकियों को ठिकाने लगा चुकी है.


वीडियो देखें- 

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