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इस्लामिक देशों ने यासीन मलिक की सजा को गलत बताया, भारत ने कायदे से सुना दिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने OIC की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया. इस बयान में अरिंदम बागची ने OIC से कहा है कि दुनिया आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस चाहती है और भारत चाहता है कि OIC इस तरह से आतंकवाद को सही ठहराने की कोशिश ना करे.

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यासीन मलिक (फोटो: इंडिया टुडे)

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) को दिल्ली की एक अदालत ने 25 मई को टेरर फन्डिंग के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई. मलिक को हुई इस सजा का कई जगह विरोध हुआ. इसी कड़ी में 27 मई को इस्लामिक सहयोग संगठन यानी OIC ने कुछ ट्वीट्स किए, जिनमें इस संगठन ने मलिक को हुई सजा को गलत बताया. इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी बात रखी. मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के प्रति भारत का रुख जीरो टॉलरेंस का है और OIC की तरफ से आई इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी.  

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OIC ने क्या कहा था?  

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के स्थाई मानवाधिकार आयोग (IPHRC) ने ट्वीट थ्रेड पोस्ट करते हुए कहा,   

"भारत में यासीन मलिक को फर्जी मुकदमे और मनगढ़ंत आरोपों के चलते हुई सजा की OIC-IPHRC कड़ी निंदा करता है. उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में कैद किया गया है, जो भारत अधिकृत जम्मू-कश्मीर में भारतीय पूर्वाग्रह और कश्मीरी मुसलमानों के उत्पीड़न को दर्शाती हैं."

"निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के ऐसे कृत्यों का मकसद कश्मीरियों को उनके जायज अधिकार से वंचित करना है. ऐसा करने से भारतीय न्याय प्रणाली का मज़ाक बन रहा है और ये लोकतंत्र के दावों की भी पोल खोलता है." 

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मंत्रालय ने क्या कहा?  

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने OIC की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया. इस बयान में अरिंदम बागची ने OIC से कहा है कि दुनिया आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस चाहती है और भारत चाहता है कि OIC इस तरह से आतंकवाद को सही ठहरने की कोशिश ना करे. उन्होंने आगे कहा,    

"यासीन मलिक के मामले में भारत की आलोचना करने वाले OIC-IPHRC की टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं. इन टिप्पणियों के जरिए, OIC-IPHRC ने यासीन मलिक की आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन किया है, जिनके बारे में कोर्ट के सामने सुबूत पेश किए जा चुके हैं."  

मलिक ने खुद को दोषी बताया

NIA की विशेष अदालत ने यासीन मलिक को टेरर फंडिंग के दो मामलों में दोषी ठहराया था. इनमें मलिक के खिलाफ आतंकी घटनाओं से जुड़ने और कश्मीर घाटी में माहौल खराब करने की साजिश करने के आरोप लगे था. मलिक पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) की धारा 16 (आतंकी गतिविधि), धारा 17 (आतंकी फंडिंग), धारा 18 (आतंकी गतिविधि की साजिश) और धारा 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होना) सहित आईपीसी की धारा 120-B (आपराधिक साजिश) और 124-A (राजद्रोह) के तहत केस दर्ज किया गया था. बता दें कि बीती 10 मई को यासीन मलिक ने खुद कबूला था कि वो दोषी है.

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वीडियो: यासीन मलिक ने आतंकवादियों को पैसे दिए, जानिए किस भयानक केस में नपे अलगाववादी नेता?

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