अनुभव सिन्हा की सीरीज- IC 814: The Kandahar Hijack के आने के बाद. ‘IC 814’, एक पुराना नाम आज-कल फिर चर्चा में है. एक भारतीय फ्लाइट IC 814, जो काठमांडू से हाईजैक कर ली गई थी. इसी की सीट 16C में एक ऐसे यात्री बैठे थे, जिनका नाम मीडिया और पब्लिक को दी गई लिस्ट में नहीं था. कौन थे ये पैसेंजर और पब्लिक को इनका नाम ना बताने के पीछे क्या वजह थी.
IC 814 में थे RAW के स्टेशन हेड, कंधार हाईजैक की 'छिपी' कहानी अब रॉ के पूर्व हेड ने बता दी
IC 814 Kandahar Hijack: शशि भूषण सिंह तोमर का नाम कंधार हाईजैक से जुड़ी टीम ने पब्लिक नहीं किया था. अब क्या पता लगा है? क्यों थे ये अफसर प्लेन में?


सीरीज के आने के बाद घरों, दफ्तरों या चाय की दुकानों में 1999 की फ्लाइट हाईजैकिंग फिर से लोगों की जुबान पर आ गई है. इस चर्चा में फ्लाइट में मौजूद एक भारतीय जासूस की बात भी आती है.
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, फ्लाइट की 16C सीट पर बैठे शख्स शशि भूषण सिंह तोमर थे. जिनकी पोस्टिंग फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर काठमांडू के भारतीय दूतावास में थी. वो तब काठमांडू में रिसर्च एंड एनॉलसिस विंग (RAW) के स्टेशन हेड थे.
ये बात सच है. जिसकी पुष्टि तब के RAW हेड एएस दौलत ने इंडिया टुडे से बात करते हुए की है. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया,
बेचारे वो आठ दिन तक प्लेन में फंसे रहे, उन्हें इस बारे में कुछ नहीं मालूम था.
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इस बारे में सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीन स्वामी ने साल 2000 में एक रिपोर्ट लिखी थी. द फ्रंटलाइन की रिपोर्ट में उन्होंने बताया था कि तोमर अपनी पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली वापस आ रहे थे. जो अस्पताल में भर्ती थीं. एक फ्रैक्चर का सही इलाज ना करने के चलते, उनकी पत्नी सोनिया को समस्या आई थी. जिसकी वजह से उन्हें हास्पिटल ले जाना पड़ा था.
इसके इतर स्वामी, सोनिया तोमर के बारे में एक और बात भी बताते हैं. बताया जाता है कि वह एनके सिंह की सबसे छोटी बहन थीं. जो तब प्रधानमंत्री ऑफिस के सबसे पावरफुल ब्यूरोक्रेट्स में से एक थे. वो साल 1998 से 2001 के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सेक्रेटरी भी रहे थे.
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