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रेप-हत्या के दोषी राम रहीम को बार-बार कैसे मिल जाती है परोल? मनोहर लाल खट्टर ने बताया

रेप और हत्या के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को आए दिन परोल मिल जाती है. आमतौर पर राज्य चुनावों या स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राम रहीम को जेल से छुट्टी मिलते देखी गई है. क्या ऐसा हरियाणा सरकार के निर्देश पर होता है? जानिए हरियाणा के CM रहे मनोहर लाल खट्टर ने क्या बताया.

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मनोहर लाल खट्टर ने इस बात से इनकार किया है कि राम रहीम को जानबूझकर चुनाव के समय ही परोल दी जाती है. (फाइल फोटो: आजतक और PTI)

रेप और हत्या के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को अक्सर जेल से छुट्टी मिल जाती है. बीते 4 साल में राम रहीम को 9 बार परोल मिल चुकी है. इसी साल जनवरी में राम रहीम को 50 दिन की परोल मिली. राम रहीम को परोल मिलने (Gurmeet Ram Rahim Parole) का एक पैटर्न देखा गया है. आमतौर पर राज्य चुनावों या स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान ही राम रहीम को परोल मिलती है. क्या हरियाणा सरकार जानबूझकर ऐसा करती है? ये सवाल पूछा लल्लनटॉप के एडिटर इन चीफ सौरभ द्विवेदी ने हरियाणा के पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) से. 

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लल्लनटॉप के पॉलिटिकल इंटरव्यू के कार्यक्रम 'जमघट' में इस बार मेहमान रहे मनोहर लाल खट्टर. खट्टर का ये इंटरव्यू 5 मार्च 2024 को लिया गया था, जब वो हरियाणा के मुख्यमंत्री थे. इंटरव्यू में खट्टर से राम रहीम को बार-बार मिलने वाली परोल पर सवाल किया गया. मनोहर लाल खट्टर ने जवाब दिया कि कैदियों के परोल मामले में सरकार का कोई दखल नहीं होता है. 

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'परोल में सरकार का रोल नहीं…'

मनोहर लाल खट्टर ने कहा,

“परोल का जो विषय है, इसमें सरकार का कोई रोल नहीं होता है. एक कैदी को परोल देने की एक प्रक्रिया होती है. जेल में बंद कैदी परोल के लिए अप्लाई करते हैं. इसमें जेल विभाग की संस्तुतियां शामिल होती हैं, लेकिन जेल विभाग को संस्तुति वही करनी होती है, जो सच होता है. ये देखा जाता है कि कैदी का व्यवहार क्या रहा है.”

मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि जेल प्रशासन कैदी का व्यवहार देखकर ही परोल की मंजूरी देता है. खट्टर के मुताबिक इसमें राज्य सरकार जेल प्रशासन को कोई निर्देश नहीं देती है. खट्टर ने इस बात से भी इनकार किया कि राम रहीम को जानबूझकर चुनाव के समय ही परोल दी जाती है. 

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बता दें कि राम रहीम को इस साल 19 जनवरी, 2024 को 50 दिनों के लिए जेल से छुट्टी मिली थी.  इसमें 29 दिन की परोल और  21 दिन की फरलो शामिल थी. इसके बाद 29 फरवरी, 2024 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम को बार-बार मिलने वाली परोल/फरलो पर सवाल उठाया. हाई कोर्ट में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की याचिका पर सुनवाई चल रही थी. इस दौरान पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि कोर्ट की अनुमति के बिना राम रहीम को आगे परोल नहीं दी जा सकती है.

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