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बिहार में महादलित को रेप करके मार डाला, संसद में मामला उठाइए मायावती जी!

बिहार जहां 'सोशल जस्टिस' की ताल ठोंकने वालों की सरकार है, वहां एक महादलित लड़की से रेप और फिर मर्डर.

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Credit: Reuters
रेप इसीलिए दुनिया का सबसे खराब क्राइम है. इसकी बुरी छाप ज़ेहन पर गहरी पड़ती है और कई बार ताउम्र रहती है. पैसे और सामाजिक स्तर के लिहाज से विक्टिम अगर निचले पायदान पर हो तो ये दर्द कई गुना ज्यादा होता है.
बिहार के भभुआ में 16 साल की एक महादलित लड़की से गैंगरेप और फिर मर्डर. लड़की 12वीं में पढ़ती थी. आरोपियों में से एक उसका ट्यूटर भी है. ये सब हुआ बिहार में. जहां उन लोगों की सरकार है जो सामाजिक न्याय के सबसे बड़े पुरोधा बने फिरते हैं. कोई सुन रहा है क्या? कोई संसद में आवाज उठाएगा क्या? चार आरोपी हैं, लड़की का ट्यूटर सत्येंद्र यादव, उसका भतीजा जयप्रकाश यादव और सरकारी स्कूल टीचर जयप्रकाश राम और उसका साला विजय राम. FIR के मुताबिक, सत्येंदर यादव जिस बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर चलाता था, बाकी तीन आरोपी वहां किराएदार थे. यहीं पर चारों ने कथित तौर पर उससे रेप किया, फिर उसे मारकर पंखे से लटका दिया और फरार हो गए. लड़की के छोटे भाई ने बताया कि रविवार सुबह 8 बजे भाभी के साथ वो राशन लेने गई थी. रास्ते में वो कुछ देर में आने की बात कहकर कहीं चली गई. लगभग 9 बजे भाई के मोबाइल पर किसी अनजान आदमी का फोन आया कि तुम्हारी बहन ब्रह्मानंद कुशवाहा के घर में कोचिंग ट्यूटर सत्येंद्र सिंह के साथ गई है. इसके बाद भाई अपनी मां के साथ वहां पहुंचा. कमरा अंदर से बंद था. दरवाजा पीटने के बाद भी नहीं खुला तो मकान मालिक को बुलाया. फिर दरवाजा तोड़ा गया. पंखे के हुक में लड़की की लाश लटकी हुई थी. कमरे में जो रोशनदान था, उसकी लोहे की रॉड टूटी हुई थी. देर शाम चारों आरोपियों पर FIR दर्ज की गई. क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि इस खबर को भी संसद में उठाया जाएगा? उतने ही जोर-शोर से, जैसे बाकी प्रदेशों में होने वाली दलित-अत्याचार की घटनाओं को उठाया जाता है. क्या हमारे नेता साबित करेंगे कि उनका दलित प्रेम सिर्फ चुनावी प्रदेशों और चुनावी मौसमों में ही परवान नहीं चढ़ता है?

और दिल्ली  में मर गई एक और नाबालिग दलित रेप विक्टिम

दिल्ली में भी 14 साल की एक दलित लड़की मर गई. सातवीं क्लास में पढ़ती थी, सरकारी स्कूल में. डॉक्टर बनना चाहती थी. आरोप है कि पिछले साल दिसंबर में पड़ोसी ने अगवा करके रेप किया था. केस चल रहा था लेकिन मई 2016 में आरोपी ने फिर अगवा कर लिया और तेज़ाब जैसी कोई चीज़ पिला दी. सारे अंदरूनी अंग झुलस गए थे. खा-पी नहीं पा रही थी. दर्द से तड़पते हुए अस्पताल में दम तोड़ दिया.

दिसंबर में झूठ बोलकर घर से ले गया आरोपी

कहानी 20 दिसंबर 2015 से शुरू होती है. लड़की को पड़ोस में रहने वाले शिव शंकर ने किडनैप कर लिया गया था. लड़की के पिता ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को बताया, '2 दिसंबर 2015 को वो शिवशंकर घर आया और बोला कि मेरा (लड़की के पिता का) एक्सी़डेंट हो गया है. झूठ बोलकर वो मेरी बेटी को साथ ले गया. फिर उससे रेप किया. 16 दिसंबर को आरोपी के पिता ने माना था कि हमारी बेटी को उसके बेटे ने ही अगवा किया था.' इसके बाद शिवशंकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 और 376 के तहत केस हुआ था. बच्चों के सेक्शुअल हैरेसमेंट पर लगने वाला पॉक्सो एक्ट भी लगा था.
27 दिसंबर को शिवशंकर गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट ने उसे तिहाड़ जेल भेज दिया. लेकिन 5 जनवरी 2016 को लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया, उससे सब चौंक गए. लड़की ने कहा कि शिवशंकर से उसकी दोस्ती थी और उसके साथ वो अपनी मरज़ी से गई थी. 12 जनवरी को शिवशंकर को जमानत मिल गई. मामले में चार्जशीट फाइल हुई. सुनवाई की अगली तारीख पड़ी, 29 अगस्त.
लड़की के पिता का कहना है कि आरोपी ने उनकी बेटी को धमकाया था. कहा था कि कोर्ट के सामने कुछ बोला तो तुम्हारे मां-बाप को मार देंगे.
लेकिन 19 मई को लड़की की मां ने कहा कि उसकी बेटी घर से गायब है और शिवशंकर दोबारा उसे ले गया है. लड़की स्वरूपनगर में मिली. कोर्ट के सामने वो फिर मुकर गई. उसने कहा कि फैमिली प्रॉब्लम की वजह से वो घर से भाग गई थी.
इसके बाद पुलिस को बताया गया कि लड़की बीमार है और अस्पताल में भर्ती है. शिवशंकर के खिलाफ दूसरी FIR हुई. रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत. लड़की के पिता ने नया आरोप लगाया, शिवशंकर और उससे दो रिश्तेदारों पर, कि उन्होंने उनकी बेटी को जहर दिया है. लड़की के पिता के मुताबिक, शिवशंकर 15 मई 2016 को दोबारा उनकी बेटी को अगवा करके ले गया था. हमने FIR कराई. दो हफ्ते बाद बताया गया कि आपकी बेटी मिल गई है और उसे नारी निकेतन भेज दिया गया है. लड़की के मां-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को दो हफ्ते तक एक घर में कैद रखा गया और इस दौरान उससे कई बार रेप किया गया. एक हफ्ते बाद नारी निकेतन से फोन आया कि आपके बेटी बहुत बीमार है. 17 जुलाई को लड़की को शालीमार बाग के मैक्स सुपर स्पेशियलटी हॉस्पिटल लाया गया. इसी दौरान पुलिस टीम उसका बयान दर्ज करने पहुंची, लेकिन लड़की की हालत बयान देने की नहीं थी. पुलिस टीम को लौटना पड़ा. 23 जुलाई को आरोपी शिवशंकर फिर गिरफ्तार कर लिया गया. 24 जुलाई को लड़की ने दम तोड़ दिया. इस कहानी में कुछ भी हो सकता है. हो सकता है कि लड़की धमकी की वजह से बयान बदल रही हो. दबी जुबान में लोग ऑनर किलिंग की चर्चा भी कर रहे हैं. लेकिन अंतत: एक लड़की, डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली एक लड़की ही मारी गई. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, 'दिल्ली को और कितनी निर्भयाएं चाहिए. हम हर अगली निर्भया के मरने का इंतजार करते हैं, बस. मैंने कभी इतना लाचार महसूस नहीं किया.' उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक हाई लेवल मिनिस्टीरियल कमेटी बनाने की मांग की.  

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