'गुरुग्राम बोलने में ऐसा लगता है कि शहर नहीं पतंजलि का कोई प्रोडक्ट बाजार में नया आया है. गुरुग्राम लाला रामदेव का नया प्रोडक्ट शुद्ध आयुर्वेदिक शहर.'पोस्ट को BJP के समर्पित कार्यकर्ताओ ने सीरियसली ले लिया. और स्क्रीनशॉट लेकर भेज दिया पार्टी के सीनियर अधिकारियों को. अधिकारियों ने एक्शन ले लिया. कहा गया कि ये बाबा रामदेव के खिलाफ टिप्पणी है. बाबा रामदेव हरियाणा के ब्रांड एम्बेसडर भी है. हालांकि ये पोस्ट की गई थी 13 अप्रैल को. पर सस्पेंशन लेटर 11 मई को भेजा गया है. और तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दे दिए गए है. संदीप का कहना है कि उन्हें अभी भी समझ में नहीं आ रहा कि इतने छोटे से मुद्दे को लेकर सस्पेंड करने की क्या जरुरत है. और उस पोस्ट को मजाक के तौर पर उनके छोटे भाई ने पोस्ट किया था. जिसे कुछ लोगो के विरोध करने के बाद उन्होंने डिलीट भी कर दिया था. डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि संदीप के खिलाफ ये फैसला हरियाणा सिविल सर्विस(पनिशमेंट एंड अपील) 1987 के रुल-7 के अनुसार लिया गया है. संदीप जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुके है. अपने काम के चलते उन्हें सरकार से चार अवॉर्ड भी मिल चुके है. दो अवॉर्ड तो उन्हें उसी सरकार से मिले है, जिसकी वजह से आज उन्हें सस्पेंड किया गया है.
खट्टर सरकार की इंटॉलरेंस: अफसर ने 'गुरुग्राम' का मजाक उड़ाया तो सस्पेंड किया
बीजेपी कार्यकर्ता उनकी पोस्ट से 'हर्ट' हो गए थे.
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फोटो - thelallantop
फेसबुक पर लिखते हुए आपने खूब गालियां खाई होंगी. लेकिन ऐसा कम ही होता है कि एक स्टेटस अपडेट आपकी नौकरी छीन ले. लेकिन ऐसा हुआ है हरियाणा सरकार में. जहां पब्लिक इंफॉर्मेशन एंड कल्चरल डिपार्टमेंट में नियुक्त एक असिस्टेंट अफसर को सस्पेंड कर दिया गया है. वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर 'गुड़गांव' का नाम 'गुरुग्राम' किए जाने का मज़ाक उड़ा दिया था. 'द हिंदू' की खबर के मुताबिक़ 37 साल के संदीप हूडा सोनीपत के गोहाना में रहते हैं. इन्होंने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा था:
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