नूह जिला कोर्ट ने बिट्टू बजरंगी को 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस ने बिट्टू को 15 अगस्त को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उनके घर के पास से पकड़ा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक बिट्टू को 31 जुलाई को नूह में हुई हिंसा के मामले में पकड़ा गया. इसके बाद उससे पूछताछ की गई और कोर्ट के सामने पेश किया गया. आर्म्स ऐक्ट के तहत बिट्टू और 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ खाना सदर नूह में केस दर्ज किया गया था. नूह में शुरू हुई हिंसा फैलकर हरियाणा के कई जिलों तक पहुंच गई थी.
बिट्टू बजरंगी के भड़काऊ वीडियो को VHP ने बताया 'अनुचित', कहा- 'बजरंग दल से संबंध नहीं'
31 जुलाई को बिट्टू बजरंगी ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा ही आयोजित धार्मिक यात्रा में हिस्सा लिया था. पुलिस ने उसे 15 अगस्त को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उसके घर के पास से पकड़ा था.
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आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक 31 जुलाई की हिंसा के बाद बिट्टू ने सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ पोस्ट डाले थे. एक वीडियो में वो दूसरे समुदाय के लिए कह रहा था,
"ये बोलेंगे कि बताया नहीं कि हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई, फूल माला तैयार रखना, जीजा आ रहे हैं."
31 जुलाई को हुई हिंसा से पहले धार्मिक यात्रा में उसे तलवारों के साथ जुलूस में शामिल होते देखा गया था. यात्रा में हथियार लाने के सवाल पर उसने कहा था,
“जो एकाध बंदूकें थीं, वो लाइसेंस की थीं. जो तलवारें हमारे पास थीं वो पूजा पाठ-शादी ब्याह वाली हैं. लड़ाई करने वाली तलवार नहीं. अपने परिवार के साथ हम लड़ाई क्यों लड़ने जाएंगे? हम शांति से गए थे.”
बजरंग दल के सदस्य बताए जाने वाले बिट्टू बजरंगी को CIA तावडू ने गिरफ्तार किया है. नूह के थाना सदर में विभिन्न धाराओं के तहत बिट्टू बजरंगी पर मामला दर्ज किया गया था. एएसपी उषा कुंडू की शिकायत पर बिट्टू बजरंगी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि हिंसा वाले दिन उन्होंने बिट्टू बजरंगी को हथियारों (तलवारों) के साथ यात्रा में भाग लेने से रोका था. उषा के मुताबिक तब बिट्टू ने ड्यूटी करते समय उनके साथ दुर्व्यवहार किया था. वो कथित रूप से अधिकारी की गाड़ी पर बैठ गया था. इसीलिए दंगों के अलावा उस पर लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने के आरोप में भी केस दर्ज हुआ है.
विश्व हिंदू परिषद ने दिया बयानइधर विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि बिट्टू का बजरंग दल से कोई लेना-देना नहीं है. उस पर हुई कार्रवाई के बाद VHP ने ट्वीट कर कहा,
'राज कुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी, जिसे बजरंग दल कार्यकर्ता बताया जा रहा है, उसका बजरंग दल से कभी कोई संबंध नहीं रहा. उसके द्वारा कथित रूप से जारी किए गए वीडियो की सामग्री को भी विश्व हिन्दू परिषद उचित नहीं मानती.'
हालांकि 31 जुलाई को बिट्टू बजरंगी ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा ही आयोजित धार्मिक यात्रा में हिस्सा लिया था. VHP का ये बयान 16 अगस्त की सुबह आया. बिट्टू को उससे पहले ही 15 अगस्त की शाम को गिरफ्तार कर लिया गया था.
वीडियो: नूह कांड के बाद घसीटकर बिट्टू बजरंगी को ले गई पुलिस से किसने की थी शिकायत?




















