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रोहित वेमुला को कौन सी तकलीफ खा गई? देखो सुनो, और पढ़ो

फिल्मकार हंसल मेहता और उनकी टीम ने रोहित वेमुला के सुसाइड लेटर को नए तरीके से सामने रखा है. ये वीडियो जरूर देखना.

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फोटो - thelallantop
किसी भी देश को गर्व किस बात पर होता है? अपनी प्राचीन महान संस्कृति के अलावा. देश की यूथ पॉपुलेशन पर. यूथ चाहे तो दुनिया बदल सकता है. देश को आगे ले जाना है कि पीछे धकेलना, ये युवा तय करता है. और हमारी यही सबसे बड़ी मुश्किल है. कि देश का युवा मुश्किल में है. यूथ या तो एक भीड़ की शक्ल में है. जो तोड़ फोड़, आगजनी और पटरियां उखाड़ने में लगी है. एक युवा नारेबाजी में खर्च हो रहा है. एक युवा का अगुवा है रोहित वेमुला. जिसने सुसाइड कर लिया. इस कोफ्त में कि वो कैसे देश में रहता है. जहां हवा हवाई बातें होती हैं. महान परंपराओं की बातें होती हैं. लेकिन गरीबी की बात नहीं होती. समानता की बात नहीं होती. इंसानियत की बात नहीं होती. वसुधैव कुटुंबकम् की बात नहीं होती. फर्जी बातों से इतना हलकान हुआ वो युवा कि दुनिया से निकल लिया. एक आखिरी चिट्ठी छोड़ कर. वो चिट्ठी इतिहास का दस्तावेज बनेगी. फिल्मकार हंसल मेहता ने एक कोशिश की है. उस दस्तावेज को मूर्त रूप देने की. उनका साथ दिया है राजकुमार राव, स्वानंद किरकिरे, अर्नब गायन, अपूर्वा एम असरानी, हर्षित शर्मा, आलोक त्रिपाठी, विपुल अरोरा और टीम ने. सामने दिख रहे हैं एक्टर मोहम्मद जीशान अय्यूब. देखो और उस छटपटाहट को महसूस करो. हम रोहित के रास्ते से इत्तेफाक नहीं रखते. इससे बेहतर उदाहरण वो दे सकता था. लेकिन हमें जज बनने का भी क्या हक है? https://www.youtube.com/watch?v=FLZ2zC27uGE&feature=youtu.be

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