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हमास ने 738 दिन बाद सभी इजरायली बंधक छोड़े, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा- 'जंग खत्म हुई'

Hamas Releases Israeli Hostages: सभी बंधको को एयरलिफ्ट करके Israel में अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल जांच से गुजरने के बाद बंधकों का अपने-अपने परिवार से मिलना शुरू हो गया है.

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हमास की गिरफ्त से रिहा होकर इजरायल पहुंचे बंधक. (AP Photo/Ohad Zwigenberg)

फिलिस्तीनी संगठन हमास ने इजरायल के सभी 20 जिंदा बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया है. गाजा पीस प्लान के तहत सोमवार, 13 अक्टूबर को इन बंधकों की रिहाई हुई. पहले फेज में सुबह 7 बंधकों को रिहा किया गया है. दूसरे फेज में 13 अन्य बंधकों की रिहाई हुई. हमास-इजरायल के बीच 2 साल तक चले युद्ध के बाद बंधक घर लौटेंगे.

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इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इजरायल पहुंच चुके हैं. उन्होंने ही इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता कराया है. मिस्र में 13 अक्टूबर को ही गाजा पीस समिट होनी है. ट्रंप भी मिस्र जाकर इस समिट में हिस्सा लेंगे.

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इजरायली बंधको की गाड़ी के पास हमास लड़ाके. (AP Photo/Jehad Alshrafi)

सीजफायर समझौते के तहत इजरायल ने भी फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया है. दर्जनों रिहा किए गए फिलिस्तीनी कैदियों को लेकर बसें रामल्लाह और गाजा पहुंचीं. यहां उनके परिवार बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे.

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समझौते के तहत इजरायल ने 1,900 से ज्यादा कैदियों और बंदियों को रिहा करना शुरू कर दिया है. फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली कब्जे वाले वेस्ट बैंक की ओफर जेल से रामल्लाह पहुंची बसों का नारे लगाते लोगों ने स्वागत किया, जबकि कम से कम एक बस गाजा पट्टी में गई है.

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रिहा फिलिस्तीनी कैदी बस से रामल्लाह पहुंचे. (AP Photo/Mahmoud Illean)

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सीजफायर का स्वागत करते हुए इजरायल में कहा,

"जंग खत्म हो गई है. यह एक बड़ा दिन है. यह एक नई शुरुआत है."

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उन्होंने आगे जोर दिया कि हमास को हथियार छोड़ने की शर्त को पूरा करना चाहिए.

Israeli Hostages
(x.com/IDF)

इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने 7 बंधकों की रिहाई पर लिखा,

"गाजा में 738 दिनों तक गाजा में बंधक बनाए गए- मतान एंग्रेस्ट, गली एंड जिव बर्मन, एलोन ओहेल, एतान मोर, ओमरी मीरान और गाइ गिल्बोआ दलाल घर आ रहे हैं."

IDF ने 13 अन्य बंधकों की रिहाई पर पोस्ट किया,

"यह आधिकारिक है: हमास की कैद में अब कोई भी जिंदा इजरायली बंधक नहीं है."

13 बंधकों में एल्काना बोहोट, रोम ब्रास्लावस्की, निमरोड कोहेन, एरियल क्यूनियो, डेविड क्यूनियो, एव्याटार डेविड, मैक्सिम हर्किन, ईटन हॉर्न, सेगेव कल्फोन, बार कुपरशेटिन, योसेफ हैम ओहाना, अविनाटन ओर और मटन जंगाउकर के नाम शामिल हैं.

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(x.com/IDF)

इन सभी बंधको को एयरलिफ्ट करके इजरायल में अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में बंधकों के परिवार उनका इंतजार कर रहे हैं. इजरायली सेना उनके साथ है. मेडिकल जांच से गुजरने के बाद बंधकों का अपने-अपने परिवार से मिलना शुरू हो गया है.

इस बीच ट्रंप ने इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित किया. इजरायली सांसदों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया. नेसेट में ट्रंप के दूतों- स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर का भी नेसेट में खड़े होकर स्वागत किया गया.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नेसेट में अपने ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात की. पीएम नेतन्याहू ने शांति के दायरे को बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की कोशिशों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिखा,

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को आज (13 अक्टूबर, 2025) मिस्र में होने वाले एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण दिया है. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप को निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन कहा कि छुट्टियों की शुरुआत के साथ समय के संयोग की वजह से वे इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने लौटते हुए बंधकों के लिए हाथ से लिखे नोट्स और कुछ गिफ्ट्स तैयार किए. नोट में लिखा है,

"इजरायल की सारी जनता की तरफ से आपका स्वागत है! हम आपका इंतजार कर रहे थे, आपको गले लगाने के लिए."

Benjamin Netanyahu Note to Hostages
PM बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा का बंधकों के लिए हाथ से लिखा नोट. (India Today)

हमास ने जिंदा बंधकों को रिहा कर दिया है. मृत बंधकों के शवों भी सौंपने की बात हुई है. इसके अलावा, मिस्र के शर्म अल-शेख में होने वाली एक समिट में डॉनल्ड ट्रंप और 20 से ज्यादा ग्लोबल लीडर्स एकजुट होंगे. इसमें भारत की तरफ से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह हिस्सा लेंगे. समिट में अमेरिकी मध्यस्थता से बनाई गई शांति योजना के अगले कदमों पर चर्चा होगी. इसकी एक अहम कड़ी 'बॉर्ड ऑफ पीस' नाम की नई इंटरनेशनल बॉडी है, जिसका नेतृत्व ट्रंप करने वाले हैं.

हालांकि, आगे का रास्ता अभी साफ नहीं है. ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली योजना के कुछ अहम पहलू- जैसे गाजा का युद्ध के बाद का शासन और हमास का भविष्य पर अभी भी बात नहीं बन पाई है. अब तक हमास ने इजरायल की उस मांग को नकारा है, जिसमें कहा गया है कि वो अपने हथियार डाल दे. इसकी वजह से युद्धविराम की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. हालांकि, सोमवार की समिट में कुछ पॉजिटिव निकलने की उम्मीद जरूर है.

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