सोशल मीडिया पर ये नोटिस वायरल हो रही है. लोग कह रहे हैं, ये गुजरात पुलिस ने निकाली है. कहा है कि PUBG खेलने वालों का फोन ज़ब्त कर लिया जाएगा (फोटो: सोशल मीडिया)
स्मार्टफोन के कई सारों कामों में से एक पॉपुलर काम है गेमिंग. गेम आते हैं. लोग खेलते हैं. ऊब जाएं, इससे पहले सौ और नए गेम आ जाते हैं. मगर क्या गेम खेलने पर पुलिस पहरेदारी बिठा सकती है? क्या ऐसा हो सकता है कि गेम खेलने की वजह से आप जेल पहुंच जाएं? एक वायरल पोस्टर का दावा है कि अगर आपने गुजरात में पबजी (PUBG) गेम खेला, तो पुलिस आपका फोन छीन लेगी.
क्या है वायरल पोस्ट में?
एक तस्वीर है. पुलिस के किसी नोटिस की. दीवार पर चिपकी है. जैसे वॉन्टेड वाले पोस्टर्स चिपके रहते हैं, वैसे ही. इसके ऊपर भारत का राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ बना है. नीचे की तरफ गुजरात पुलिस का निशान है. पोस्टर के ऊपर गुजराती भाषा में एक संदेश लिखा है. लिखा है-
अगर कोई आदमी सार्वजनिक स्थान पर पबजी (PUBG) खेलता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उसका फोन जब्त कर लिया जाएगा.
लोग इस तस्वीर को शेयर करके लिख रहे हैं कि ये गुजरात पुलिस का नोटिस है.
सच क्या है?
सच जो होता है, बड़ा सिंपल होता है. इस केस में एक ट्वीट जितना सिंपल. ये ट्वीट किया है खुद गुजरात पुलिस ने. स्पेसिफिक होकर कहें, तो अहमदाबाद पुलिस ने. ट्वीट में उस वायरल हो रही नोटिस की भी फोटो है. साथ में लिखा है-
ये फर्ज़ी ख़बर है. गुजरात पुलिस ने इस तरह का कोई नोटिस, कोई आदेश नहीं निकाला है. कृपया अफवाहें न फैलाएं. इस ट्वीट को शेयर करें.
अहमदाबाद पुलिस ने 26 दिसंबर की शाम को ये ट्वीट किया. इस ट्वीट के बाद कुछ और बचता है क्या बताने को?
क्या सोशल मीडिया पर PUBG बैन को लेकर अफवाह सही है?