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कौन बनेगा करोड़पति के सवाल किस टेक्नीक से चुने जाते हैं?

द लल्लनटॉप के गेस्ट इन द न्यूज़रूम पहुंचे क्विज मास्टर सिद्धार्थ बासु. सब सवालों के जवाब दिए.

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क्विज मास्टर सिद्धार्थ बासु ने बताया KBC के सवाल कैसे चुने जाते हैं.

अचानक अमीर हो जाने की खुशी आमतौर पर लोग फिल्मों में ही देखते थे. फिर आया 'कौन बनेगा करोड़पति' और लोग असल में अपने जैसे लोगों को लाखों, करोड़ों जीतते देखने लगे. ऐसा दौर आया कि हर आदमी करोड़पति बनने का, इस शो में जाने का सपना देखने लगा.

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शो में अगर पहुंच भी गए तो यहां आपका सामना होता था सवालों से. जिनके जवाब अगर आप देते गए तो पैसा जीतते गए. लेकिन कभी आपने सोचा कि ये सवाल चुने कैसे जाते हैं? चलिए हम बताते हैं.

इसका जवाब हमें दिया क्विज मास्टर सिद्धार्थ बासु ने. वे द लल्लनटॉप के गेस्ट इन द न्यूज़रूम शो के मेहमान बनकर आए. उन्होंने यहां बताया कि ऐसे शो में सवाल कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर तय करता है. बासु बताते हैं,

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"हम सवालों का एक डेटा बेस बनाते हैं. यानि पहले से सवाल बनाकर तैयार रखते हैं. ये तो हमें पता ही होता है कि कौन प्रतिभागी हैं. वे कहां से आए हैं. उनका बैकग्राउंड वगैरह क्या है. तो हम लोग पहले से ही इससे जुड़े सवाल बना लेते हैं. फिर इसे कम्प्यूटर के सॉफ्टवेयर में डाला जाता है. और ये सवालों का एक स्टैक हमारे सामने रखता है."

वे आगे बताते हैं,  

"फिलहाल कौन बड़ेगा करोड़पति में सोनी पिक्चर्स टेलीविजन का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा रहा है. ये सॉफ्टवेयर 15 सवालों का स्टैक देता है. तो ये किसी को नहीं पता कि प्रतिभागी के सामने आखिर में कौन सा सवाल आएगा."

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सिद्धार्थ बासु कहते हैं कि सवालों को तय करने की समझ अनुभव के साथ आती है. ये भी समझ आता है कि कौन सा सवाल किस नंबर पर जाएगा. अगर मैं आपसे पूछूं की हमारी धरती के सबसे पास कौन सा तारा है? ये स्कूल की बात है लेकिन पहली बार सॉफ्टवेयर ने बताया था कि ये बहुत मुश्किल सवाल है. जबकि हम सबने स्कूल में पढ़ा है कि सूरज एक तारा है. ब्रह्मांड में बहुत से तारे हैं, सूरज भी उनमें से एक है. कुछ लोग ये जानते हैं. कुछ नहीं जानते.

बासु कहते हैं,

"ये अनुभव से समझ आता है कि किसे कब कौन सा सवाल देना है. मेरा मानना है कि केवल 2 तरह के सवाल होते हैं. अगर आपको जवाब पता हो तो आसान. यदि आप जवाब नहीं जानते हैं तो मुश्किल."

वे कहते हैं कि आखिरकार ऐसा ही तो होता है. जवाब पता हो तो सवाल आसान. नहीं तो कितना ही आसान सवाल हो, हमारे लिए तो मुश्किल होगा.  
 

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