ग्रेटर नोएडा की गौर सिटी. 12 जनवरी के दिन यहां रहने वाले लोगों ने पैदल मार्च निकाला. नोएडा एक्सटेंशन में रहने वालों ने भी साथ दिया. ये सब तब हुआ, जब पूरे यूपी में धारा 144 लगी हुई है. सबके हाथों में 'जस्टिस फॉर गौरव चंदेल' का पोस्टर था. हर कोई गौरव के कातिलों को पकड़ने की मांग कर रहा था. जाहिर सी बात है, मांग होना जायज है, क्योंकि घटना को 7 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक हत्यारों के नाम पर पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं.
गौरव चंदेल हत्याकांड: चार घंटे तक परिवार को पुलिस भटकाती रही, सुबह नाले के पास मिली लाश
घरवालों का मानना है कि पुलिस अपना काम करती तो उनका बेटा बच जाता.


क्या है पूरा मामला?
गौर सिटी में रहने वाले गौरव गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में रीजनल मैनेजर थे. उम्र 40 साल थी. 6 जनवरी की रात वो अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे. रात 8 बजे वो ऑफिस से निकले, घर पर कॉल करके बताया कि 10 बजे तक पहुंच जाएंगे. 10.22 मिनट पर दोबारा कॉल किया, बताया कि 10 मिनट में घर पहुंच रहे हैं, लेकिन वो घर नहीं पहुंचे.
उनके परिवार को चिंता हुई. गौरव के नंबर पर कॉल किया गया. रिंग गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. कई बार गौरव से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश हुई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. घरवालों की चिंता बढ़ी. वो पुलिस स्टेशन पहुंचे.
आज तक के रिपोर्टर भूपेंद्र चौधरी ने गौरव के दोस्त अतुल लोहिया से बात की. उन्होंने बताया-
जब देर तक गौरव घर नहीं लौटे, वो उनके परिवार वालों के साथ खोजने निकले. आस-पास खोजने के बाद फेज-3 पुलिस थाने में शिकायत की गई. करीब 11.30 बज रहे थे. गौरव की लोकेशन गांव रोजा जलालपुर की मिली. वहां गए, तो गौरव वहां मिले नहीं. उसके बाद फेज-3 थाने की पुलिस ने मामला दूसरे एरिया का बताते हुए पल्ला झाड़ लिया. फिर हम लोग चेरी काउंटी चौकी गए, लेकिन वहां कोई नहीं मिला. फिर हम गौर सिटी क्रॉसिंग पुलिस चौकी गए, वहां दो पुलिसकर्मी मिले, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौरव का परिवार बिसरख पुलिस स्टेशन भी गया था. जहां गौरव के फोन के जरिए लोकेशन ट्रेस की गई थी. उनकी लोकेशन हिंडन नदी के पास मिली थी. जब वहां पहुंचे, तो वहां भी गौरव नहीं मिले. उसके बाद बिसरख पुलिस ने गौरव के परिवार को दूसरे दिन सुबह 10 बजे आने को बोल दिया. उसके बाद गौरव के घरवाले खुद उन्हें ढूंढते रहे. सुबह करीब 4 बजे गौरव पर्थला गोल चक्कर और गौर सिटी के बीच में नाले के पास पड़े हुए दिखे. उनके सिर से खून बह रहा था. वो जिस गाड़ी से घर आ रहे थे, वो भी कहीं नहीं मिली. गौरव के दो मोबाइल, एक लैपटॉप और एक बैग भी गायब था. उनके परिवार वालों ने तुरंत एंबुलेंस को बुलाया और यथार्थ अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में ये सामने आया कि गौरव को बुरी तरह पीटा गया था और उनके सिर पर गोली लगी थी. वहीं गौरव के परिवार ने पुलिस के ऊपर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस अगर इधर से उधर नहीं भटकाती और उन्हें खोजने की कोशिश करती, तो वो बच सकते थे.
पुलिस क्या कर रही है?
मर्डर का केस तो फेज-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज हो गया है, लेकिन अभी तक किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. वहीं लापरवाही के आरोप में 6 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि वो अपना काम गंभीरता से कर रही है. आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.
20 लाख का मुआवजा
गौरव के परिवार में उनकी पत्नी, मां और बेटे हैं. यूपी सरकार ने उनके परिवार को मुआवजे के तौर पर 20 लाख रुपए की मदद दी है. नोएडा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने 20 लाख का चेक गौरव के परिवार को सौंपा है.
मामले पर सियासत
गौरव के बेटे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वो अपने पिता के आरोपियों को पकड़ने की गुहार लगा रहा था. प्रियंका गांधी ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा,
'प्रबंधक के पद पर काम करने वाले गौरव चंदेल जी की नोएडा में अपराधियों ने हत्या कर दी थी. लूट-पाट के बाद हुई हत्या में सरकार की कार्रवाई अभी तक ढीली-ढाली ही है. नोएडा जैसे लोकेशन पर अगर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं तो पूरे यूपी में क्या स्थिति होगी? गौरव चंदेल जी के परिवार को न्याय जल्द से जल्द मिलना चाहिए.'
BSP प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा,
'नोएडा में गौरव चन्देल की हत्या के मामले में भी लीपापोती व सरकारी उदासीनता के कारण वहां पूरे क्षेत्र में जन आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यूपी सरकार खासकर अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के मामले में इस प्रकार की लापरवाही को छोड़कर जनहित पर समुचित ध्यान दे तो यह बेहतर होगा.'
गौरव चंदेल मर्डर मामले में लगातार यूपी पुलिस के सवाल किया जा रहा है. लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं.
वीडियो देखें:



















