DTAB ने इसी साल फरवरी-मार्च में इन कोल्ड्रिंक्स के सैंपल कलेक्ट किए थे. टेस्ट के लिए ‘ऑल इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ’ (AIIHPH) कोलकाता भेज दिया था. सूत्रों के मुताबिक, AIIHPH ने DTAB के चेयरमैन जगदीश प्रसाद को टेस्ट के रिजल्ट हैंडओवर किए गए हैं. इससे पहले भी AIIHPH ने कई हेल्दी सपलिमेंट्स की भी जांच की है. और उनमें भी हार्मफुट मेटल्स होने की बात कही है.अच्छा तो बच्चो बताओ. इल्जाम के बाद कौन आता है? जी सफाई पेश करने वाले! हां तो यहां भी सफाई पेश की गई है. इस मसले पर पेप्सिको इंडिया के स्पोकपर्सन ने बताया, 'हमें अभी तक ड्रिंक्स के हुए टेस्ट की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. जबतक रिपोर्टेस मिल नहीं जाती, हम कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं. हम अपने जितने भी प्रोडक्ट बनाते हैं वो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स के नियमों के अंदर ही होते हैं. इसी के तहत हम हेवी मेटल्स का यूज करते हैं.' पेप्सिको ने तो रिपोर्ट न मिलने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया, पर कोका कोला ने तो कुछ भी बोलने से ही मना कर दिया है. ठंडा मतलब सिर्फ कोका कोला ही नहीं होता. जब जवाब देते नहीं बनता, जब शरीर का जो तापमान होता है वो भी ठंडा ही कहलाता है. इसलिए आप लोग भी अब जरा अलर्ट हो जाइए. अपने स्टार्स, खिलाड़ियों के ऐड में दिखभर जाने से फैसला मत लीजिए.
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