ईरान (Iran) के विदेश मंत्री डॉ हुसैन आमिर अब्दुल्लाहयन (Hossein Amir Abdollahian) बुधवार, 8 जून से भारत के दौरे पर हैं. खबर आई कि इस दौरान उन्होंने पैगंबर मोहम्मद (Prophet Mohammad) पर बीजेपी नेताओं की टिप्पणी को लेकर चिंता जताई. अब भारत सरकार ने इस खबर का खंडन किया है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक के दौरान इस मुद्दे को नहीं उठाया गया.
ईरान ने दिया था गलत बयान, एस जयशंकर के साथ बैठक में नहीं उठा पैगंबर पर टिप्पणी का मुद्दा
भारत के असलियत बताने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने डिलीट किया अपना बयान


ईरान के विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी, एस जयशंकर और दूसरे अधिकारियों से मिलने के बाद एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा-
तेहरान और नई दिल्ली सहमत हुए कि धर्म और इस्लामिक पवित्रता को सम्मान दिए जाने की जरूरत है. विभाजनकारी बयानों को देने से बचना है. भारत और ईरान दोनों अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी किया. इसके मुताबिक विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहयन ने पैगंबर पर टिप्पणी का मुद्दा भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के सामने उठाया. बयान में कहा गया,
भारत का क्या कहना है?इस मुद्दे पर दोषियों के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई से अब्दुल्लाहयन संतुष्ट हैं. उन्होंने एनएसए डोभाल के हवाले से बताया कि आरोपियों के खिलाफ सरकार और दूसरे स्तर पर कार्रवाई की गई है. इस तरह दूसरों को भी इससे सीख मिलेगी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के इस तरह के बयान मीडिया में आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा,
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चर्चा के दौरान ये मुद्दा नहीं उठा है. हमने सभी देशों से यह साफ कर दिया है कि ट्वीट और टिप्पणियां सरकार के विचारों को व्यक्त नहीं करती हैं. यह भी बता दिया गया है कि इस मामले में कार्रवाई की जा चुकी है.
इस दौरान बागची ने ये भी बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय वाला बयान हटा लिया गया है.
बता दें कि बीते रविवार को ईरान ने भारतीय राजदूत को तलब किया था और पैंगबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर आपत्ति दर्ज जताई थी. ईरान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले पर भारतीय राजदूत धामू गद्दाम ने ईरानी विदेश मंत्रालय से खेद भी जताया था. भारतीय राजदूत ने मीटिंग में कहा था कि पैगंबर के खिलाफ कोई भी अपमान स्वीकार्य नहीं है और भारत सरकार ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती है.
देखें वीडियो- नूपुर शर्मा के पैगंबर वाले बयान पर ईरान ने भारत से क्या कह दिया ?


















