गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन जलाने वाले लोगों में कई उपद्रवी शामिल रहे. गोधरा कांड की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी फारुक भाणा अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. लेकिन बुधवार को गुजरात ATS वालों को सफलता मिली. 14 साल बाद फारुक भाणा पकड़ा गया. भाणा पर ट्रेन जलाने का आरोप है.

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फारुक की गिरफ्तारी को लेकर क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस जेके भट्ट ने कहा, 'बीते सालों में फारुक गोधरा नहीं आया था. लेकिन हाल ही में वो 4-5 बार अपनी फैमिली से मिलने गोधरा आया था. फारुक 4-5 सालों में मुंबई में रहकर बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के छोटे कॉन्ट्रेक्ट्स लेकर काम कर रहा था. वहां फारुक अपना नाम बदलकर काम कर रहा था. हमें जब पता चला कि फारुक गोधरा आ रहा है तो हमने उसे पकड़ने का प्लान बनाया.'
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सूत्रों के मुताबिक, गुजरात ATS ने फारुक को पंचमहल जिले के कलोल टोल प्लाजा से अरेस्ट किया है. बता दें बीते साल ATS ने कसम इब्राहिम को पकड़ा था. इब्राहिम पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की खिड़कियां को तोड़ने और पत्थर मारने वाली भीड़ की अगुवाई कर रहा था.
फरवरी 2011 में इस कांड में स्पेशल कोर्ट ने 31 लोगों को ट्रेन जलाने का दोषी माना. 11 लोगों को सजा-ए-मौत मिली. बाकी के 20 को उम्रकैद की सजा मिली.




















