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मुरादनगर श्मशान घाट हादसा: अगर इनकी बात सुनी गई होती तो 25 लोग मारे नहीं जाते!

योगी सरकार ने जांच SIT को सौंप दी है

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सभासद होने का दावा करने वाले विजय पाल का एक लेटर (बाएं) दूसरी फोटो. हादसे के बाद मलबा हटाती पुलिस टीम. (दाएं)
गाजियाबाद का मुरादनगर. यहां रविवार 3 जनवरी को श्मशान घाट में शेड गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस कॉन्ट्रैक्टर अजय त्यागी और तीन सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. यूपी सरकार ने अब जांच का जिम्मा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दिया है. SIT घटना से जुड़े तथ्यों के अलावा मामले में अफसरों की लापरवाही और इंजीनियर-ठेकेदार की भूमिका की भी जांच करेगी. डीएम से शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई उधर मुरादनगर के महंत विजय पाल अधिकारी का कहना है कि उन्होंने शेड के निर्माण में इस्तेमाल हो रहे घटिया सामान और घोटाले की शिकायत गाजियाबाद के डीएम से की थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इंडिया टुडे के रिपोर्टर अरविंद कुमार ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, मुरादनगर नगर पालिका में सभासद होने का दावा करने वाले विजय पाल का एक लेटर सामने आया है. इसमें लिखा है कि श्मशान घाट में हो रहे निर्माण में 10-1 (10 बोरी बालू में एक बोरी सीमेंट) मसाला लग रहा है. थर्ड क्लास की पीली ईंट का इस्तेमाल हो रहा है. ये लेटर 16 जून 2020 को लिखा गया था. अरविंद कुमार ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद के डीएम ने शिकायत की जांच के लिए उस समय ईओ निहारिका सिंह के पास भिजवाई. ये वही निहारिका सिंह हैं, जिन्हें श्मशान घाट हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया है. Letter Muradnagar कॉन्ट्रैक्टर ने कबूली थी रिश्वत की बात बता दें कि हादसे के बाद गिरफ्तार कॉन्ट्रैक्टर अजय त्यागी ने ऑन कैमरा अपना गुनाह स्वीकार किया था, साथ ही अफसरों पर रिश्वतखोरी का आरोप भी लगाया था. उसने कहा था कि वह हर ठेके के लिए 28 से 30 फीसदी कमीशन देता था. जब उससे कमीशन लेने वालों के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो सबको पता है. कैसे हुआ था हादसा? मुरादनगर में श्मशान घाट पर 3 जनवरी की सुबह ये हादसा उस वक्त हुआ था, जब उखलारसी गांव के रहने वाले जयराम (70) के दाह संस्कार के लिए परिजन इकट्ठे हुए थे. बारिश के कारण ज्यादातर लोग श्मशान घाट में बने 70 फीट लंबे कॉरिडोर में खड़े थे. अंतिम संस्कार के बाद इसी जगह दो मिनट का मौन रखा गया. उसी दौरान शेड की छत भरभरा कर गिर गई. करीब 40 लोग मलबे में दब गए. NDRF की टीम ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को निकाला. अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक क्या कार्रवाई हुई? इस मामले में गैर इरादतन हत्या, सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास तोड़ने, किसी को चोट पहुंचाने की नीयत से काम करने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनमें ईओ निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चन्दपाल और सुपरवाइजर आशीष और कॉन्ट्रैक्टर अजय त्यागी शामिल है. सीएम ने घटना के लिए ज़िम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून यानी रासुका लगाने का आदेश दिया है. सीएम ने पूरे नुक़सान की वसूली दोषी इंजीनियर और ठेकेदार से करने के भी निर्देश दिए हैं. ठेकेदार अजय त्यागी को ब्लैक लिस्ट करने का भी आदेश दिया है. इसके बाद वो इस तरह का कोई भी कंस्ट्रक्शन नहीं कर सकेगा.

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