एक जेल में कैदियों को रोज खूब मच्छर काटते. ना उनके पास बदबू वाला हिट था, ना करेंट वाला रैकेट. ना ओडोमॉस ना ही कोई टिकिया. खुजाते-खुजाते चुन-चुनकर मच्छर मारते. रातों की नींद हराम हो गई. सबने मिलकर सोचा क्या किया जाए? भीड़ से निकला एक गैंगस्टर और मच्छरों को बोतल में भरने लगा (Gangster brings Bottle of Mosquitoes). फिर क्या हुआ?
गैंगस्टर मच्छरों से भरी बोतल लेकर कोर्ट में पहुंचा, सब हैरान! ये था प्लान
अपने साथियों की बात लेकर कोर्ट पहुंचा था गैंगस्टर!


घटना महाराष्ट्र की तलोजा सेंट्रल जेल की है. गुरुवार, 3 नंवबर को गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला मच्छरों से भरी बोतल के साथ मुंबई (mumbai) सेशन कोर्ट पहुंचा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लकड़ावाला ने जज को बोतल दिखाते हुए बताया कि जेल के अंदर कैदियों को हर दिन यही झेलना पड़ता है. लकड़ावाला साथी कैदियों के साथ कई समय से अलग-अलग अदालतों में दलील पेश कर चुका है. लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गईं. इसलिए इस बार वो प्रूफ के साथ कोर्ट पहुंचा.
लकड़ावाला ने अदालत को बताया कि वो 2020 में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद से तलोजा सेंट्रल जेल में बंद है. उसने कहा,
“उस समय हमें मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी. मई में जेल अधिकारियों ने कैदियों के सामान की तलाशी ली और हमसे मच्छरदानी ले ली.”
रिपोर्ट के मुताबिक, मई में जेल अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए मच्छरदानी को जब्त कर लिया था. इसके बाद से ही अदालतों को कैदियों की तरफ से आवेदन मिल रहे हैं जिसमें जाल का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई.
लकड़ावाला ने दावा किया कि रात में बैरक की रखवाली करने वाले कर्मचारियों को मच्छरदानी दी जाती है. उन्होंने कहा कि कुछ कैदियों को अदालतों से मच्छरदानी इस्तेमाल करने की परमिशन मिली है.
वहीं जेल अधिकारियों ने लकड़ावाला की याचिका का विरोध किया और सुरक्षा का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मच्छरदानी लगाने के लिए कीलें और तार का इस्तेमाल होता है जो सुरक्षा संबंधी चिंता पैदा कर सकते हैं. जेल अधिकारियों का कहना है कि नियमों के हिसाब से जेल में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों में मच्छरदानी शामिल नहीं है.
इस पर लकड़ावाला ने बिना किसी कील और तार के जाल का उपयोग करने की मांग की. हालांकि अदालत ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि आवेदक ओडोमोस जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकता है.
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