पूरा मामला इस तरह है. कानपुर देहात के सट्टी थाना क्षेत्र में एक गांव है. गांव में सुधा(बदला हुआ नाम) अपनी मां और एक बहन के साथ रहती है. पिता नहीं रहे. छोटी बहन सातवीं क्लास में पढ़ती है. हॉस्पिटल में भर्ती सुधा ने बयान दिया कि वो अपनी छत पर बैठी थी. तभी इलाके के दबंग दीपू अपने चार दोस्तों के साथ वहां आया. उसको उठाकर वो लोग जंगल में ले गए. वहां गैंगरेप किया. प्राइवेट पार्ट में कुल्हाड़ी का डंडा डाल दिया और पेशाब पिलाया. फिर बुरी हालत में छोड़कर भाग गए.

हॉस्पिटल में भर्ती रेप पीड़िता
लड़की और उसकी मां का कहना है कि ये सब न हुआ होता, अगर पुलिस ने वक्त रहते उनकी बात सुनी होती. आगे की बात और ज्यादा भयावह है. सुधा की मां के मुताबिक दरअसल ये गुंडे पहले सुधा की छोटी बहन का रेप कर चुके थे. इसकी रिपोर्ट लिखाने जब वो लोग गए थे तो सट्टी के थानेदार दिग्विजय सिंह ने गाली देकर भगा दिया. इससे गुंडों का और मन बढ़ गया, जिसके बाद इस कांड को अंजाम दिया. अब पुलिस इस मामले पर भी लीपापोती करने में जुटी है.
पुलिस कह रही- रेप हुआ ही नहीं

एसपी कानपुर देहात
कानपुर देहात जिला अस्पताल में सुधा भर्ती है. वहां की इंचार्ज डॉक्टर कुमकुम शर्मा का कहना है कि जांच में पता चला कि सुधा के साथ रेप हुआ है. जबकि जिले के एसपी राधेश्याम ने बिना मेडिकल जांच की रिपोर्ट आए ही बता दिया कि रेप नहीं हुआ है. मामूली मारपीट का मामला है. और दोनों तरफ से रिपोर्ट भी मारपीट की ही दर्ज कर ली है थाने में.
ये खबर हम तक इंडिया टुडे से जुड़े रिपोर्टर रंजय सिंह ने पहुंचाई है.











