The Lallantop

पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान गिरफ्तार, भ्रष्टाचार मामले में तीन साल की सजा

ट्रायल कोर्ट ने इमरान खान पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

Advertisement
post-main-image
इमरान खान को जेल की सजा (फाइल फोटो: आजतक)

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान को 3 साल जेल की सजा सुनाई गई है. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट ने शनिवार, 5 अगस्त को तोशाखाना मामले में इमरान खान को ‘भ्रष्ट आचरण’ का दोषी घोषित किया. इमरान खान को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है. साथ ही, 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. पाकिस्तानी न्यूज चैनल Geo News की रिपोर्ट के मुताबिक तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद इमरान को उनके ज़मान पार्क आवास से गिरफ्तार किया गया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

कोर्ट में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने फैसला सुनाया कि तोशाखाना मामले में इमरान खान के खिलाफ आरोप साबित हुए हैं. पाकिस्तानी अखबार Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक न्यायाधीश ने कहा, 

"इमरान खान ने जानबूझकर पाकिस्तान चुनाव आयोग को फर्जी विवरण पेश किया और उन्हें भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया है." 

Advertisement

इमरान खान को पाकिस्तान के इलेक्शन एक्ट की धारा 174 के तहत तीन साल के लिए जेल की सजा सुनाई गई है.

क्या है तोशाखाना केस?

तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का एक विभाग है. साल 1974 में इस विभाग को बनाया गया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे विभाग के मंत्रियों या अधिकारियों को विदेश में मिलने वाले तोहफों को इसी विभाग में रखा जाता है. नियम के मुताबिक ऐसा करना जरूरी है. इन गिफ्ट्स में महंगी घड़ियां, सोने-हीरे के आभूषण, महंगी कारें और महंगे सामान होते हैं. तोशाखाना में रखे सामान को पाकिस्तानी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही बेचा जाता है.

पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई गिफ्ट 30 हजार रुपये से कम की है तो उसे मुफ्त में लिया जा सकता है. लेकिन अगर इससे ज्यादा कीमत की गिफ्ट है तो उसे लेने के लिए कुछ नियम-कायदे हैं. एक तोशाखाना कमिटी होती है, जो गिफ्ट की कीमतों का मूल्यांकन करती है. इस कमिटी में सेंट्रल बैंक, टैक्स विभाग के अधिकारी और मार्केट एक्सपर्ट होते हैं. नियम ये है कि अगर गिफ्ट की कीमत 30 हजार रुपये से ज्यादा है तो उसका 50 फीसदी चुकाकर आप सामान खरीद सकते हैं. 2020 से पहले ऐसा था कि सामान की कीमत का 20 फीसदी देकर ले सकते थे.

Advertisement

इमरान खान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे. अलग-अलग देशों के दौरे पर उन्हें कई महंगे गिफ्ट्स मिले थे. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने पिछले साल सितंबर में चुनाव आयोग को एक जवाब दिया था. इसमें उन्होंने बताया था कि 1 अगस्त 2018 से 31 दिसंबर 2021 के बीच उन्हें और उनकी पत्नी को 58 गिफ्ट्स मिले थे. इन गिफ्ट्स में घड़ियां, कलम, अंगूठी, कालीन, कंगन और कई सामान थे.

इमरान खान ने चुनाव आयोग को बताया था कि इनमें से सिर्फ 14 गिफ्ट 30 हजार रुपये से ज्यादा के थे. इन गिफ्ट्स को उन्होंने नियम के मुताबिक तोशाखाना से खरीदा था. इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने तोशाखाना से कुछ गिफ्ट्स को सिर्फ 20 फीसदी भुगतान कर खरीदा और उन्हें महंगे दामों पर बेच दिया. रिपोर्ट बताती है कि प्रधानमंत्री बनने के दो महीने के भीतर ही इमरान ने तोशाखाना में दो करोड़ रुपये जमा किए और कई महंगे गिफ्ट्स खरीदे. खरीदे गए गिफ्ट में 85 लाख की एक ग्राफ घड़ी,  87 लाख का पेन, 60 लाख रुपये के कफलिंग और अंगूठी भी शामिल थीं. आरोप है कि उन्होंने 38 लाख कीमत की रोलेक्स घड़ी सिर्फ साढ़े सात लाख रुपये में खरीदी.

वीडियो: इमरान खान को आर्मी चीफ़ ने किस बात पर धमकी दे दी?

Advertisement